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20141203

ज्यादा दिनों तक घर से दूर नहीं रह सकता : फवाद


बॉलीवुड में यह उनका पहला कदम है. लेकिन दर्शक उन्हें इस तरह बेइतहां प्यार दे रहे हैं, मानो वह वर्षों से हिंदी सिनेमा जगत के हिस्सा हों. उनके शो जिंदगी गुलजार है...को भारत में बेशुमार प्यार मिला है. और फिल्म खूबसूरत में जिस तरह उन्होंने अपने अभिनय से सबको मुरीद किया है. स्पष्ट है कि आनेवाले समय में वे बॉलीवुड में स्थापित हो जायेंगे. बात हो रही है फवाद खान की, जिनकी शालीनता ने सबको मोह लिया है. फवाद पाकिस्तान से हैं. लेकिन वे खुद मानते हैं िक भारत में जिस तरह उन्हें मोहब्बत मिल रही. वे खुद हिंदुस्तान के मुरीद हो गये हैं. फवाद की यह खासियत है कि वह वक्त के पाबंद हैं और अनुशासन प्रिय हैं. 
खूबसूरत से जुड़ना कैसे हुआ?
मैंने आॅडिशन दिया था.  वैसे फिल्म की कास्टिंग डायरेक्टर ने पिछला काम देखा हुआ था. मैंने पहले भी बॉलीवुड  की फिल्म के लिए कोशिश की थी. लेकिन उस वक्त हालात वैसे नहीं थे. तो बात नहीं बन पायी थी.
बॉलीवुड से जुड़ने की क्या खास वजह रही?
दरअसल, मुझे लगता है कि मैंने अपने मुल्क में तो काम कर लिया है. वहां स्थापित हो चुका हूं. लेकिन मैं उस कंफर्ट जोन से बाहर निकल कर काम करना चाहता था.यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव है कि मैं वहां आकर काम कर रहा. जहां पर मैं लोगों को नहीं जानता, वहां के माहौल से वाकिफ नहीं. वहां के शहरों से मुखातिब नहीं. फिर भी काम कर रहा तो मेरे लिए यह आउट आॅफ द बॉक्स काम करना है. और सबसे बड़ी बात यह थी कि मैंने ज्यादातर टेलीविजन पर काम किया है. तो फिल्म में काम करना अपने में बड़ी बात है. मैं मानता हूं कि जिस तरह ट्रेवलर अपने आप को एजुकेट करता है. वैसे ही मैं कर रहा हूं. मेरे लिए यह जरूरी है कि मैं काम के साथ कुछ सीखूं भी. इस फिल्म में वैसे नये लोगों से जुड़ना हुआ है. जो काफी सालों के तर्जुबेदार हैं तो मुझे अच्छा लगता है सीखना. सो, मजा आ रहा है इस सफर में. मुझे यहां काम करने में सिर्फ इतनी ही तकलीफ हुई कि हिंदी और उर्दू डायलेक्ट में थोड़ा अंतर होता है. लफ्ज किस तरह बोले जाते हैं, सिर्फ यह सीखने समझने में थोड़ा वक्त लगा. पाकिस्तान में मैंने जब भी काम किया है तो हमें वहां डायलॉग में इप्रोवाइजेशन करना पड़ता है. जबकि यहां एक्टिंग के साथ साथ फिजिकल एक् शन भी करना होता है.
आप पाकिस्तान के सुपरस्टार हैं. हिंदुस्तान में सुपरस्टार्स की रीयल जिंदगी भी लार्जर देन लाइफ होती है. लेकिन आपके बारे में हमने जितना पढ़ा और सुना है. आप बिल्कुल सामान्य जिंदगी जीने में यकीन रखते हैं. तो आपके लिए सुपरस्टार्स के क्या मायने हैं?
मैं थोड़ा शर्मिला हूं रीयल जिंदगी में तो मेरे लिए जब शुरू शुरू में फैन फॉलोइंग हुई. लोगों का हुजूम सिर्फ मुझे देखने आता था. कुछ कुछ घंटों की शूटिंग रोकनी पड़ती थी तो मैं ये सब देख कर बहुत शाइ हो जाता था. मुझे समझ ही नहीं आता कि किस तरह रियेक्ट करूं. लेकिन लोगों का यह प्यार देख कर अच्छा लगता था. चूंकि मैं खुद मीडिल क्लास से हूं तो हाइ फाइ या शोर शराबा, ग्लैमर में रहना नापसंद रहा है. सच कहूं तो चूंकि मेरी फीमेल फैन फॉलोइंग इस कदर बढ़ गयी है कि मेल फैन फॉलोइंग खत्म हो चुकी है. मैं शर्मिला हूं तो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी एक्टिीव नहीं हूं. मेरे पापा सेल्स और मार्केटिंग में थे. इसकी वजह से मेरी जिंदगी के 11-12 साल ट्रेवलिंग में गुजरे हैं. तो जिंदगी को नजदीक से अनुभव किया है. फिर हम पाकिस्तान शिफ्ट हुए तो घर का माहौल ही बहुत सामान्य और आम रहा तो परवरिश में ही वह लार्जर देन लाइफ जैसा कुछ नहीं. लाइफस्टाइल भी हमारी आम सी ही रही. लेकिन धीरे धीरे जब तरक्की होती है तो इंसान की चाह भी बढ़ती है. लेकिन मुझ पर अब भी मेरी पुरानी जिंदगी ही हावी है. इसलिए उस लिहाज से खुद को बदल नहीं पाया हूं.
शुरू से ही सोच रखा था कि अभिनय की दुनिया में ही जाना है?
नहीं, मुझे लगता है कि मेरे में यह तब्दील आया जब मैं 20-21 साल का था. उस वक्त मैं कॉलेज में था. मैं एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में जाना चाहता था. लेकिन जब उसमें एडमिशन ले लिया था तो पता चला कि शहर से दूर जाना होगा. और मुझे होम सिकनेस की परेशानी है तो मैंने वही तय कर लिया कि ऐसी कोई पढ़ाई या करियर नहीं चुनूंगा जिसमें घर से दूर रहना पड़े. क्योंकि ज्यादा दिनों तक घर से दूर नहीं रह सकता धीरे धीरे कॉलेज में ही थियेटर करने लगा था. म्यूजिक और एक्टिंग का सहारा लिया.
परिवार के लोगों ने आपके इस निर्णय में सहयोग किया?
नहीं शुरू शुरू में हर पेरेंट्स के लिए यह स्वीकारना कठिन होता है कि उनके बच्चे बिल्कुल ही कुछ ऐसा करियर चुन रहे, जिसके बारे में कोई खोज खबर नहीं. एक अलग ही दुनिया है ये.लेकिन वक्त के साथ साथ उनका विश्वास मुक्कमल हुआ .मेरे वालिद यही चाहते थे कि मैं जिंदगी में कुछ भी करूं. अपनी इंडीविजुअल पहचान बनाऊं. और मैंने वह किया तो अब वह खुद हैं और उन्हें तसल्ली है कि मैंने अच्छा काम किया.
आपका बचपन कैसा था और क्या उस वक्त भी आप शर्मिले ही थे?
नहीं बचपन में मैं ज्यादा रिबेलियस था. ज्यादा गुसैल था. लेकिन जब मेरी जिंदगी में मेरी पत् नी आयी और धीरे धीरे मैच्योर होता गया तो धीरे धीरे मैं अब रिलेक्सड पर्सन बन गया हूं और अभी जिस जिंदगी में हूं खुश हूं. यहां तक कि मैं डायबीटिक हूं. लेकिन इस बात से भी मुझे खास परेशानी नहीं होती है. क्योंकि मेरी पत् नी जिसे जिंदगी में सबसे ज्यादा चाहता हूं. वह मेरा पूरा ख्याल रखती हैं और मुझे खुश रखती हैं.
बॉलीवुड की कौन सी फिल्में आपको पसंद है?
मुझे आज भी दो और दो पांच, मिस्टर नटवर लाल और मिस्टर इंडिया देखने में काफी मजा आता है.
क्या आप मानते हैं कि जिस तरह इन दिनों फिर से दोनों मुल्कों में आपके आगमन व कई कलाकारों के आगमन और जिंदगी चैनल की पहल से आपसी प्यार बढ़ेगा?
हमारी तो यही कोशिश होगी कि हम दोनों मुल्क एक दूसरे की संस्कृति का सम्मान करें. और अगर सिनेमा व टेलीविजन से हमारे बीच नजदीकी आती है तो इससे खुशी की बात और क्या होगी. 

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