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20150630

खुद को भगवान की बेटी मानती हूं : आकांक्षा सिंह


ना बोले तुम न मैंने कुछ कहा के बाद एक बार फिर से आकांक्षा सिंह गुलमोहर ग्रैंड से वापसी कर रही हैं. इस शो में वे एक होटल ट्रेनी का किरदार निभायेंगी.
 आकांक्षा न बोले... के बाद आपने लंबा बे्रक लिया. कोई खास वजह?
नहीं खास वजह नहीं थी. लेकिन मैं इस बात से वाकिफ हूं कि टेलीविजन इंडस्ट्री में आप न चाह कर भी टाइपकास्ट हो जाते हैं. अगर आपने पहला शो जिस मिजाज का किया है. बाकी सारे शोज आपको वैसे ही आॅफर होने लगते हैं. लेकिन मैंने निर्णय लिया था कि मुझे टाइपकास्ट नहीं होना है. इसलिए जितने भी शोज आये जो मुझे एक से लगे. मैं न करना ही सही समझा. मैंने थोड़ा ब्रेक लिया. लेकिन इस दौरान मैं एड फिल्मों में खूब काम करती रही. इससे मुझे चेंज भी मिला और मैं इस मीडियम से दूर भी नहीं रही.
गुलमोहर ग्रैंड के बारे में बताएं?
गुलमोहर ग्रैंड डेली सोप नहीं है. साप्ताहिक धारावाहिक है. और 26 एपिसोड्स में यह पूरा भी हो जायेगा और हर एपिसोड में आपको नये कलाकार नजर आयेंगे. सिर्फ लीड किरदारों को छोड़ कर. नयी कहानियां भी होंगी. मैं इसे पूरी तरह से थ्रीलर भी नहीं कहूंगी. लेकिन मजेदार कहानियां होंगी. मैं इसमें एनी की भूमिका प्ले कर रही हूं जो होटल की ट्रेनी है. और काफी मेहनती है. लेकिन वह उस होटल में एक मकसद से आयी है. तो एनी के साथ आप दिलचस्प कहानी देख पायेंगे गुलमोहर ग्रैंड में. डेली सोप नहीं होने की वजह से काम की क्वालिटी अधिक होगी. चूंकि प्रेशर बहुत ज्यादा नहीं होगा. तो मेरी कोशिश है कि मैं खुद का 100 प्रतिशत दूं.
ना बोले भी सनसाइन प्रोडक् शन का ही शो था. इस बार भी आप इसी प्रोडक् शन के साथ काम कर रहीं? कुछ कांट्रैक्ट है या कोई और वजह?
नहीं कोई कांट्रैक्ट नहीं है. लेकिन मुझे लगता है कि सनसाइन एक बड़ा बैनर है टेलीविजन का. उसने कई बड़े और हिट शो दिये हैं. छोटे परदे पर और मैं तो लकी हूं कि मुझे उनके साथ दोबारा काम करने का मौका मिल रहा है. एक ही प्रोडक् शन हाउस जब आपको दोबारा रिपीट करती है. इसका मतलब है कि उसे आप पर विश्वास होता है कि वह अच्छा काम कर लेगी. तो मुझे बस उनके विश्वास को कायम रखना है. मेरे लिए तो यह प्रोडक् शन हाउस अब घर की तरह हो गया है. मैंने जो सीखा. यही से सीखा और अब भी इसका ही हिस्सा हूं तो खुश हूं. सबसे खास बात है कि मैं इसमें अपनी उम्र का किरदार निभा रही हूं. जो मेरे पहले किरदार से बिल्कुल ही अपोजिट है. तो मुझे इस बात की भी खुशी है कि मैं अपनी पहली छवि को तोड़ पाने में कामयाब हो पाऊंगी.
आकांक्षा , आपको आपका पहला ब्रेक भी अचानक ही मिला था.तो क्या आपको लगता है कि आप लकी रही हैं. चूंकि कई लोग तो मेहनत करते रह जाते हैं. मौका नहीं मिलता.
जी हां, बिल्कुल मैं ऐसा मानती हूं. मैं लकी रही हूं. मैं तो खुद को गॉड चाइल्ड मानती हूं. जिन्होंने मुझे मौका दिया. जो मैंने नहीं चाहा वह भी दिया और उम्मीद से अधिक दिया. तो यह मेरे लिए खुशनसीबी है. जिस प्रोडक् शन के साथ  करियर की शुरुआत की है वह फिर से ग्रैंड तरीके से मुझे पेश कर रहे. मैं इस फेज को बहुत एंजॉय कर रही हूं.
आप एक होटल ट्रेनी के रूप में काम कर रही हैं. तो इस किरदार के लिए किस तरह तैयारी की है.
मैं कई होटलों में गयी हूं. वहां के स्टाफ से मिली. उनसे काफी बातचीत की है. लोगों को अबॉर्ज्ब किया है कि होटल में लोग किस तरह से काम करते हैं. मैंने एक बात सीखी इस किरदार को निभाते हुए कि हम जब किसी होटल में जाते हैं तो हम थोड़ी सी भी गलती होने पर तुरंत चिल्लाने लगते हैं. बिना यह सोचे कि उनके साथ उस दिन क्या हुआ होगा. या वह किस मूड में होंगे. तो मैंने अब वह दर्द समझ लिया है और मेरी कोशिश होगी कि मंै ओवर रियेक्ट न करूं. मुझे याद है मैं जब पहली बार आॅडिशन में आयी थी, जिस होटल में रुकी थी. वहां खाने में लकड़ी निकल गयी थी और मैं नाराज हुई थी. लेकिन अब इन बातों का ख्याल रखूंगी. होटल के लोगों का काम भी टफ होता है. उन्हें किस तरह हिल्स पहन कर प्लेट पकड़नी पड़ती है. फिर किस तरह मेहमानों को हैंडल करना है. किस तरह स्माइल करते रहना है हर हाल में. यह सबकुछ सीखा मैंने.
अभिनय से ब्रेक लिया तो क्या क्या किया?
मैं अपने घर जयपुर चली गयी थी. वहां परिवार के  साथ काफी वक्त गुजारा. घूमने फिरने का भी सिलसिला जारी था. मैंने खूब मस्ती की. लेकिन अब सिर्फ काम करना है.
फिल्मों में आने के बारे में कोई योजना.
दरअसल मैंने कभी कुछ प्लान नहीं किया है. सबकुछ खुद ब खुद होता गया है. अगर मौका मिला तो जरूर करूंगी.

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