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20150630

शशि, संजना, पृथ्वी थियेटर

शशि कपूर को इस रविवार दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पूरे सम्मान के साथ सौंपा गया. इस मौके पर कपूर खानदान के लगभग हर पीढ़ी के कोई न कोई सदस्य जरूर मौजूद थे. ऋषि कपूर अपनी पत् नी व बेटे रणबीर कपूर के साथ मौजूद थे. उन्होंने इस दौरान चर्चा भी की कि किस तरह शशि कपूर फिल्म अजूबा के दौरान स्टार्स को हाथ में छड़ी लेकर अभिनय कराते थे. अमिताभ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शशि कपूर उस दौर के चंद कलाकारों में से एक थे जिन्होंने कमर्शियल सिनेमा में पैसे बना कर कलात्मक फिल्मों को बढ़ावा दिया. पिछले कई सालों से शशि कपूर अपनी स्मृति भूल चुके हैं. लेकिन उन्हें शाम के वक्त पृथ्वी की गलियारों में अवश्य देखा जा सकता है. एक तरह से संयोग देखें तो कितने बच्चे हैं, जिन्हें अपने माता पिता को ऋण व सम्मान के रूप में अपने अंदाज में उन्हें जन्म देने का मौका मिलता है, मसलन शशि कपूर ने जिस तरह अपने पिता के नाम पृथ्वीराज कपूर के नाम से प्रसिद्ध पृथ्वी थियेटर को संजो कर रखा.एक तरह से उन्होंने अपने पिता की विरासत को जीवंत रखा है. इसी समारोह के दौरान शशि कपूर की बेटी संजना जिन्होंने लंबे समय तक पृथ्वी की देख रेख की है. वे सबसे अधिक सक्रिय नजर आ रही थीं. उनकी मुस्कान दर्शा रही थी कि भले ही अब वह पृथ्वी की आधिकारिक तौर पर मैनेजर नहीं. लेकिन शशि कपूर के बाद पृथ्वी में किसी की रुह बसती है तो वह संजना की ही है. किसी जगह को सींचना और उसका संचालन करना दो अलग अलग भाव  है.संजना के आंखों की चमक बता रही थी कि वह मन ही मन अपने पिता के लिए कितनी प्रफुल्लित हैं और उनके मन में वही भाव उत्पन्न हो रहे कि पृथ्वी यों ही बरकरार रहे. किसी शख्सियत की बेटी होने के बावजूद संजना ने जिस तरह अपना अस्तित्व कायम किया है. यह आम बात नहीं.

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