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20150630

गीतों की भाषा

इन दिनों बॉलीवुड में संगीत के क्षेत्र में भी कई प्रयोग किये जा रहे हैं. जहां एक तरफ आशिकी 2, एक विलेन जैसे शुद्ध रोमांटिक एलबम दर्शकों को लुभा रहे हैं. वही कुछ ऐसे गीत भी लिखे और गाये जा रहे हैं, जिनके बोल ग्रामर में बिल्कुल फिट न बैठते हों. लेकिन वे आपके दिल को न सिर्फ छू जाते हैं, बल्कि जुबां पर भी चढ़ जा रहे हैं. यह कमाल इस दौर के कुछ गीतकारों, संगीत निर्देशकों व गायक गायिकाओं ने किया है. खास बात यह है कि यह गाने आधे अधूरे या बिना ताल मेल के नहीं होने के बावजूद संपूर्ण लगते हैं और वास्तविक विषयों पर आधारित फिल्मों की तरह  ये भी आम जिंदगी से जुड़े गीत लगते हैं. साथ ही वे किसी भी ऐतिहासिक गीतकार या संगीतकार से प्रभावित नहीं लगते. इन गीतों में उनकी अपनी छवि झलक रही है. 

किसी दौर में आरडी बर्मन ने गुलजार साहब को डपट कर कहा था कि तुम तो अब लगता है कभी अखबार और टेलीफोन पर गाना बना कर ले आओगे और कहोगे ये है गाना...तो क्या हम मान लेंगे. लेकिन वर्तमान दौर देखें तो वाकई नये गीतकारों ने जो प्रयोग किये हैं. वह काबिलएतारीफ है. वे आम जिंदगी से जुड़े नये शब्द गढ़ रहे हैं और गीतों का एक अलग ही शब्दकोश तैयार हो रहा है.

 राज शेखर( तनु वेड्स मनु रिटर्न्स)
आनंद एल राय की फिल्म तनु वेड्स मनु के पहले भाग ने जितनी धूम मचाई थी. उस फिल्म के गीत भी दर्शकों को उतने ही भाये. फिल्म जिस मूड की थी. जिस परिवेश की थी. गीत भी उसी अंदाज में लिखे गये थे. फिल्म का गीत तब मन्नु भईया का करेंगे...मनु भई का करेंगे...आज भी विवाह गीतों का हिस्सा बना हुआ है. इस फिल्म का गीत रंगरेज दर्शकों के जेहन में घर कर चुका है. उन्हीं राज शेखर ने इस बार फिर से तनु वेड्स मनु रिटर्न्स में एक नया रंग बिखेरा है. फिल्म के गीत मूव आॅन मूव आॅन... उन प्रेमी युगलों व मजनूओं व लैलाओं के लिए है. जो जिंदगी में किसी छोटी सी घटना के बाद भी आगे नहीं बढ़ना चाहते. गीत को बोल बिल्कुल अलग मिजाज में लिखे गये हैं. इसी फिल्म का गीत ओल्ड स्कूल गर्ल सुने तो वह आपको आपके पुराने स्कूल डेज की कहानियों में पहुंचा देगा. इन गीतों की खासियत है कि इसके शब्द सरल हैं...और आम जिंदगी से जुड़े हैं, सो याद रह जाते हैं. राज शेखर ने फिल्म के विषय और वर्तमान दौर को देखते हुए शब्द गढ़े हैं जो प्रासंगिक लगते हैं. निस्संदेह तनु वेड्स मनु रिटर्न्स को हम रंगरेज वाले राज शेखर रिटर्न्स के रूप में भी देख सकते हैं. आनेवाले सालों में उम्मीद है कि राज शेखर की कलम से ऐसे और भी गीत लिखे और गढ़े जाते रहेंगे.
वरुण ग्रोवर( दम लगाके हईसा)
फिल्म गैंग्स आॅफ वासेपुर का गीत नर्वसाओ नहीं मूरा...फ्रस्टीयाओ नहीं मूरा गीत तो आपको याद ही होगा. गैंग्स आॅफ वासेपुर के जी ओ बिहार के लाला... और वूमनिया गीत किसे याद नहीं होगा. इलेक्ट्रीक पिया...गीत इन दिनों शादी व्याह के एंथम बन चुके हैं. इन आम से शब्दों को, जिन्हें हम अपनी निजी जिंदगी में प्रयोग करते हैं. वरुण ने एक अलग ही दुनिया दे दी है. वीमन को वुमनिया के रूप में जिस रूप में वरुण ने प्रस्तुत किया. वह अदभुत है. गैंग्स के गीतों के बाद वरुण लगातार लीक से हट कर गीत लिख रहे हैं. हाल ही में रिलीज हुई फिल्म दम लगाके हईसा के गीत सुने तो वह फिल्म की पृष्ठभूमि, शहर, किरदार, सभी तत्वों से मेल खाती है. वरुण ने फिल्म की मेकिंग वीडियो में बताया है कि उनके निर्देशक शरत कटारिया ने उन्हें यही ब्रिफ दिया था कि उन्हें कोई संपूर्ण गीत नहीं चाहिए. रस्टिक टच आना चाहिए. और इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सुंदर सुशील गीत रचा, जिसमें उन्होंने वे सारे शब्द चुने, जो किसी वर चाहिए या वधू चाहिए के विज्ञापन में लिखे होते हैं. फिल्म 90 के दौर के बैकड्रॉप पर लिखी गयी है तो उसे ध्यान में रखते हुए दर्द करारा...के गीत व बिट्स भी उसी अंदाज में गढ़े गये हैं. वरुण की यह समझ दर्शाती है कि वे एक तरफ जहां सुंदर सुशील जैसे गीत लिख सकते हैं. वही उनकी कलम से मोह मोह के धागे जैसे रोमांटिक व क्लासिक टच के गीत भी लिखे जा सकते हैं.यही वजह है कि इन दिनों वरुण निर्देशकों की पहली पसंद बन चुके हैं. चूंकि उनके गीत फिल्म के मूड को देखते हुए किरदारों से मेल खाते हुए होते हैं.
अमिताभ वर्मा( पीके का गीत लव इज वेस्ट आॅफ टाइम)
फिल्म पीके में किरदार पीके एलियन है और वह दूसरी दुनिया से आया है. वह यहां की दुनिया से वाकिफ नहीं है. लेकिन वह यहां आकर जो भाषा सीखता है वह भोजपुरी है. और फिल्म के निर्देशक राजू हिरानी व गीतकार अमिताभ वर्मा ने इस बात को पूरी तरह से ध्यान रखा है. उन्होंने गीत में वेस्ट को भेष्ट बोला है. उन्होंने गीत में भी भोजपुरी भाषा की पकड़ बरकरार रखी है. अमिताभ ने पीके के लिए केवल एक गीत लिखे. लेकिन दर्शकों को उनका यही गीत बेहद पसंद आया. अमिताभ इस गाने की मेकिंग के बारे में बताते हुए कहते हैं कि उन्हें राजू हिरानी का फोन आया था कि वे यह गीत लिख दें. अमिताभ के लिए यह किसी सपने की तरह ही था. साल की सबसे बड़ी फिल्म, सबसे बड़े स्टार व सबसे बड़े निर्देशक के साथ उन्हें गीत लिखने का मौका मिल रहा है. अमिताभ ने बोल लिखे फिर राजू, शांतनु को गाकर सुनाया.उस वक्त राजू ने अमिताभ से कहा कि यह मेरी जिंदगी का सबसे जल्दी तैयार होने वाला गाना है. काफी कम दिनों में आपने तैयार कर लिया. अमिताभ मानते हैं कि उन्हें यह प्रेरणा राजू से ही मिली थी. चूंकि राजू ने ही यह पंक्ति लव इज वेस्ट आॅफ टाइम दिये थे. बाद में अमिताभ ने शब्द पिरोये.
वायु तनिष्क ( बन्नो तनु वेड्स मनु रिटर्न्स)
फिल्म तन्नु वेड्स मनु रिटर्न्स का ही गीत बन्नो इन दिनों धूम मचा रहा. इस फिल्म के गीत वायु ने लिखे हैं. तनिष्क से गाना कंपोज किया है. इन दोनों ने मिल कर ऊपर ऊपर रहने दे नामक एक वीडियो बनाया था. आप इसे यूटयूब पर देख सकते हैं. इसी वीडियो को देख कर आनंद एल राय ने दोनों को बन्नो लिखने का आॅफर दिया. खास बात इस गीत के शब्दों में जितने अलग शब्दों का इस्तेमाल हैं. फिल्म के गीत में बृजेश शांडिल्य व स्वाति शर्मा की आवाज इसे मुख्यधारा की गातों से अलग श्रेणी में लाकर खड़ा करते हैं. स्वाति भी बताती हैं कि उनके लिए यह गीत सरप्राइज की तरह ही था. उन्हें पता ही नहीं था कि यह गीत फिल्म में इस्तेमाल होनेवाला है.
बृजेश( तनु वेड्स मनु)
बनो गीत के गायक बृजेश ने भी बन्नो गीत गाते हुए इस बात का पूरा ख्याल रखा था कि उत्तर भारत में शादियों में किस तरह महिलाएं दुल्हन दूल्हों को लेकर ऐसे गीत गाती हैं. बृजेश खुद उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं. शायद यही वजह है कि वे इस गीत को वास्तविकता प्रदान कर पाये हैं. बृजेश को फिल्म ओये लकी लकी ओये में गाने का मौका मिला था. लेकिन उस वक्त वे बीमार हो गये थे तो वे फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाये थे. इस बात का उन्हें बहुत दुख था.. व्हाट अ फिश, सही धंधे गलत बंदे और जय हो के लिए टाइटिल ट्रैक गाया है. बृजेश की आवाज सुने तो वे मुख्यधारा के गायकों से अलग हैं और निस्संदेह अगर किसी भी फिल्म में कोई स्पेशल गीत लिखा जाये और उसे अलग तरह की आवाज में प्रस्तुत करना हो तो बृजेश वहां फिट बैठेंगे. बृजेश के गीतों के बारे में फिल्मी जानकारों की यही प्रतिक्रिया है कि उनकी आवाज रस्टिक होने के साथ साथ वर्सेटाइल भी है.

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