My Blog List

20151126

काम में मजा आता है: इकबाल खान

इकबाल खान इनदिनों सोनी टीवी के शो प्यार को हो जाने दो में अहम भूमिका निभा रहे हैं. वे इस शो में पहली बार स्पाइ एजेंट की भूमिका में हैं और वे खुश हैं कि उन्हें छोटे परदे पर अलग किरदार निभाने के मौके मिले हैं. 
इकबाल, आमिर खान की एक फिल्म आयी थी फनां. उस फिल्म में भी प्रेम कहानी थी और आमिर स्पाइ के रूप में थे तो उस फिल्म से इस शो को कितना अलग मानेंगे आप?
नहीं, मैं किसी फिल्म से इस शो की तूलना नहीं करना चाहूंगा. चूंकि फिल्में 2 घंटे की होती हैं और हम हर दिन शूट करते. हर दिन कहानी कहनी होती. दर्शकों को बांधे रखना पड़ता. तो मुझे नहीं लगता कि फनां या किसी भी फिल्म से हमारी कहानी मिलती है. हां, यह हकीकत है कि डेली सोप में इस तरह का नया ट्रेंड शुरू हुआ है कि हम सोप को फिल्मों की कहानी की तरह अलग एंगल देने की अब कोशिशें शुरू कर रहे हैं और बहुत हद तक कामयाब भी हो रहे हैं.
एकता कपूर के साथ आप 10 सालों के बाद वापसी कर रहे हैं. इस दौरान आॅफर नहीं मिले थे एकता की तरफ से या फिर कोई और वजह रही?
ऐसा कुछ नहीं था. वे कई शोज में व्यस्त थीं. मैं भी दूसरे शोज में व्यस्त था. उन्हें जब लगता है तो वे अपने कलाकारों को याद करती ही हैं. इस बार उन्हें लगा होगा कि मेरे लिए यह किरदार सही है तो उन्होंने मुझे कहा. मैं भी दस साल से लगातार काम कर रहा था. तो इसलिए संयोग नहीं बन पाया. मैं तुम्हारी पाखी के बाद तुरंत खतरों के खिलाड़ी करने लगा था और तभी मुझे यह मौका मिल गया.
डेली सोप में वक्त  की डिमांड बहुत अधिक होती है. ऐसे में परिवार और काम कैसे मैनेज करते हैं?
दरअसल, मुझे लगता है कि आपको जिस काम में मजा आये. उस काम के लिए आपको वक्त निकालना अच्छा लगता है. मैंने खुद ही यह प्रोफेशन चुना है तो काम भी मुझे  ही करना होगा न.इसलिए मुझे दिक्कत नहीं होती है.मुझे अपना काम करना पसंद है.और मैं काम को काफी एंजॉय करता हूं.
रिजवान के किरदार के लिए क्या तैयारियां करनी पड़ी थी?
यह किरदार किसी स्पाइ थ्रिलर की कहानी नहीं है. न ही यह कोई स्पाइ की जिंदगी पर आधारित कहानी है. जैसा कि दर्शक देख रहे हैं. तो कहीं से कोई रेफरेंस प्वाइंट नहीं लिया है और यह एक अच्छी बात हुई है इस शो के दौरान मेरे साथ.यह कहानी फैमिली की कहानी है. लोग टेलीविजन पर फैमिली ड्रामा देखना पसंद करते हैं.उसी सेटअप में क्या अलग चीज ला सकते हैं,तो इसका बैकड्रॉप थोड़ा अलग करके दिखाने की कोशिश की गयी है. शो में ईशान और रिजवान के बीच की लड़ाई है. ईशान एक परिवार का लड़का है और अपने परिवार से बेहद प्यार करता है. रिजवान देश से प्यार करता है और इसी जद्दोजहद में कहानी आगे बढ़ती है.
एक एक्टर के लिए आत्म विश्लेषण करना भी बेहद जरूरी है? तो आप अपने काम को लेकर कितने आत्म विश्लेषक हैं?
जी मैं तो अपने काम को लेकर काफी आॅब्जेक्टिव रहता हूं.काफी सुधार लाने की कोशिश करता हूं. फर्स्ट टाइम मेरी लाइफ में हो रहा है, कि जब मैंने अपने शो का फर्स्ट शॉट देखा तो मुझे लगा कि मेरी लाइफ का सबसे बेस्ट किरदार निभा रहा हूं मैं. मैं बहुत खुश था कि मैंने अच्छा किरदार निभाया है. मैं चाहता हूं कि आने वाले समय में ऐसे किरदार निभाऊं, जिन्हें देखने के बाद मेरे बच्चे मुझ पर प्राउड करें.
आप अधिकतर इंटेंस किरदार में नजर आते रहे हैं. कोई खास वजह?
मुझे इंटेंस किरदार निभाने में अधिक मजा आता है. मुझे खुशी है कि मुझे अब तक वैसे किरदार आॅफर होते आये हैं, जिन्हें मैं निभाना चाहता हूं. मुझे अलग अलग किरदार निभाने में मजा आता है. लेकिन मुझे वैसे आॅफर आये तो जरूर करना चाहूंगा. कॉमेडी करना भी मुझे अच्छा लगता है. आगे कोशिश भी होगी कि वैसे किरदार निभा पाऊं. 

No comments:

Post a Comment