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20151126

सेकेंड लीड से लीड बनना है बड़ी कामयाबी : श्रीतामा मुखर्जी


िकम ही कलाकार ऐसे होते हैं, जिन्हें सेकेंड लीड से उसी प्रोडक् शन हाउस के दूसरे शो में लीड किरदार निभाने का मौका मिलता है. श्रीतमाा उन दिनों चांदिवली स्टूडियो में ही जहां एकता के बाकी शोज की भी शूटिंग होती है. वही कलश की भी शूटिंग चल रही थी. जहां श्रीतामा सेकेंड लीड किरदार निभा रही थीं और उन्हें अचानक यह जानकारी मिली कि उन्हें एकता कपूर ने एक नये शो के लिए चुना है. इन दिनों स्टार प्लस के इस नये शो कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां की काफी चर्चाएं हो रही हैं. 

श्रीतामा, एक ही प्रोडक् शन हाउस से जब आपको इतना बड़ा अवसर मिला, तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?
यह मेरे लिए किसी सपने को पूरा करने जैसा ही था. एकता कपूर जी के साथ कौन काम नहीं करना चाहेगा और मैं तो दूसरे शो कलश में सेकेंड लीड में थी और अचानक मुझे खबर मिली कि एकता नये शो की तैयारी कर रही हैं और वे उसमें मुझे लीड करने का मौका दे रही हैं तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गयी थी. और फौरन मैंने अपने इस किरदार के लिए तैयारी शुरू कर दी थी.
एकता से इस शो के किरदार के लिए क्या क्या टिप्स मिले?
एकता मैम ने मुझे कहा कि इस शो में मैं कोयल का किरदार निभा रही हूं. और इस किरदार की यह खूबी है कि यह लड़की थोड़ी मासूम सी है. अपने परिवार वालों को प्यार करने वाली . सो, मुझे थोड़ा सा खुद का व्यवहार बदलना होगा. चूंकि मैम को लगता है कि मैं काफी कांफीडेंट दिखती भी हूं तो मुझे वह टोन थोड़ा बदलने की सीख दी गयी. साथ ही एकता मैम से मुझे इतनी ही वाहवाही मिल गयी कि उन्होंने मुझे लीड करने का मौका दिया. तो इससे बड़ी खुशखबरी मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकती. 
शो के किरदार के बारे में बताएं? आप इससे पहले नेगेटिव किरदार निभाती आयी हैं?
हां, मुझे खुशी है कि काफी  वक्त के बाद मुझे पॉजिटिव किरदार निभाने का मौका मिला है. इससे पहले मैंने ग्रे शेड्स वाली भूमिकाएं अधिक की है. इस बार मैं बिल्कुल अलग से किरदार में हूं. हालांकि मुझे लगता है कि मैं ग्रे किरदार में अधिक फिट बैठती हूं तो यह मेरे लिए वाकई टफ था कि मैं खुद को किस तरह इस किरदार में ढाल पाऊं.
आप वास्तविक जिंदगी में कोयल से कितने करीब हैं?
मैं बिल्कुल अलग हूं कोयल से. मैं बहुत सारी बातों की परवाह नहीं करती. मस्ती में रहती हूं. शर्मिली तो बिल्कुल नहीं हूं. आत्मविश्वासी हूं और चूंकि मैं कई सालों से अपने घर से दूर रह रही हंूं. तो काफी आत्मनिर्भर भी बन चुकी हूं. मेरे पापा मुझे शेर बुलाते हैं. सो, मेरे लिए यह बिल्कुल नया अनुभव है.
आपके लिए प्यार की क्या परिभाषा है?
मैं भी मानती हूं कि जब आपको प्यार होता है, तो आप कुछ नहीं देखते.मैं भी बस ऐसे ही प्यार में विश्वास करती हूं कि दिमाग से प्यार नहीं हो सकता. दिल से ही होता है. 
आपका सपना हमेशा से एक्ट्रेस बनना ही था?
हां, मैं हमेशा से एक्ट्रेस ही बनना चाहती थी और मैंने इसकी तैयारी काफी पहले से शुरू कर दी थी. हालांकि मेरे पापा चाहते थे कि मैं पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर लूं. लेकिन मैंने पापा को समझाया कि शायद मेरी जिंदगी में कुछ अच्छा होना लिखा है. तो पापा ने शर्त रखी थी कि काम मिलेगा तभी मैं कोटा से मुंबई जाने दूंगा. तो मैंने उस वक्त भी पापा को समझाया कि पापा यहां बैठे बैठे काम नहीं मिल पायेगा. मुझे मुंबई जाना ही होगा. मैं मुंबई आयी. यहां दूसरे जॉब कर रही थी. वहां के लोगों ने ही मुझे कहा कि मुझे एक्टिंग में कोशिश करनी चाहिए. तो मैंने वह सलाह मान ली. अच्छी बात यह है कि मुझे बहुत स्ट्रगल नहीं करना पड़ा. मुझे अच्छे काम मिलते रहे और अच्छे लोग मिलते रहे. यही वजह है कि मैं आज अपने काम से बिल्कुल संतुष्ट हूं और खुश हूं. 
विभव के साथ आपकी केमेस्ट्री कैसी है?
हम दोनों ने इससे पहले गुस्ताख दिल में साथ काम किया था. इसलिए हमलोग एक दूसरे से काफी फ्रेंडली हैं और काफी खुश हैं कि हम दोनों को फिर से बड़ा मौका मिला है. विभव काफी केयरिंग स्वभाव का है तो काफी मजा आ रहा है. साथ काम करने में

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