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20151126

अभिनेत्री और छोटा परदा

बिपासा बासु छोटे परदे पर एक नयी शुरुआत करने जा रही हैं।  वे जल्द ही एंड टीवी के नए हॉरर शो में मुख्य किरदार निभाती नजर आएंगी. बिपासा बासु के फ़िल्मी करियर में हॉरर फिल्मों की अहम भूमिका रही है।  उनकी शुरूआती दौर की फिल्म राज़ से उन्हें काफी लोकप्रियता मिली थी। बिपासा बासु भी उन अभिनेत्रियों में से एक रही हैं , जिन्होंने लम्बा सफर तय किया है।  अपनी जिद्द पे अपनी पहचान बनाने वालों में से एक रही हैं।  उनकी लोकप्रियता, सफलता और असफलता को लेकर अब भी काफी बातें होती रहती हैं।  जाहिर किसी इतनी लोकप्रिय अभिनेत्री का छोटे परदे पर आना वह भी अभिनेत्री के रूप में।  अभी कई सवाल उठेंगे।  चूँकि ग्लैमर  की इस इंडस्ट्री में आम अवधारणा है कि  अभिनेताओं और सुपरस्टार्स का छोटे परदे पर आना उनकी ब्रांड वैल्यू दर्शाता है।  जबकि अभिनेत्रियों की मज़बूरी। पटना निवासी और विचारक मनीष शाण्डिलीय ने अपने फेसबुक वाल पर एक दिन काफी सटीक बात लिखी थी कि एक अभिनेत्री जब लगाने वाले तेल के विज्ञापन में नजर आये।  मतलब वह अभी शिखर पर है।  और जब खाने वाले तेल के विज्ञापन में नजर आये तो इसका मतलब वह ढलान पर है।  दरअसल , यही हकीकत भी है कि अभिनेत्रियों की स्थिति का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है।  इसी तर्ज़ पर अगर चेहरे पर लगाने वाले क्रीम में नजर आ रही है।  मतलब इंडस्ट्री में भी उनका निखार अभी बरक़रार है।  वही दूसरी तरफ अगर कपडे धोने वाले वाशिंग पाउडर में नजारा आये तो वह यकीनन ढलान पर है। बिपासा ने एक अच्छी पारी खेली है।  और खास बात यह है कि वह अब भी हार नहीं मान रही हैं। और फिर से एक नयी शुरुआत कर रही हैं।  हाल ही में एक उम्रदराज़ व खुद को बुद्धिजीवी कहने वाले व्यक्ति से बात हो रही थी , उन्होंने ऐश्वर्या की फिल्म जज्बा को लेकर अपने विचार रखे कि अब कौन ऐश्वर्या को देखने आएगा।  अब तो उसकी उम्र हो चुकी है। यह बात बहुत अशोभनीय है।  ऐसा क्यों है कि जब अभिनेत्रियां उम्र बढ़ने के साथ भी काम जारी रखना चाहती हैं तो उन्हें बूढी समझ लिया जाता है।  वही अभिनेताओं की जैसे जैसे उम्र बढ़ती है।  वे परिपक्व कहलाने लगते हैं।  उनके बारे में आम बातचीत में हम चर्चा करते हैं कि देखो इस उम्र में भी कितना फिट है।  कितने अच्छे स्टंट कर रहे. अभिनेत्रियां भी तो खुद को फिट रखने में कोई कसर नहीं छोड़ती।  उन्हें भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है।  दरअसल यह मानसिकता बदलने की जरुरत है।   

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