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20151126

एक औरत के संघर्ष की कहानी है द्रोपदी : मिताली नाग


अफसर बिटिया की लोकप्रिय अभिनेत्री मिताली नाग इन दिनों धारावाहिक द्रोपदी में लीड किरदार निभा रही हैं. उनका मानना है कि इस शो के माध्यम से वे द्रोपदी की जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को दर्शकों के सामने लाने की कोशिश कर रही हैं. =

 मिताली, अफसर बिटिया की कामयाबी के बाद द्रोपदी चुनने का निर्णय कें लिया?
अफसर बिटिया के बाद मेरे पास कई और भी आॅफर आये थे. लेकिन मैं कुछ ऐसा करना चाहती थी जिससे मुझे अफसर बिटिया के एक कदम आगे बढ़ने का मौका मिले. मैं अपने आपको किसी अच्छे किरदार से ही रिलांच करना चाहती थी. और जब राकेश पासवान( शो के निर्माता) ने मुझे वापस बुलाया और द्रोपदी एक औरत के सफर की कहानी बतायी तो मैंने तुरंत हां कह दिया. हकीकत यह है कि इस शो के माध्यम से हम ऐसे पहलुओं को दर्शकों के सामने ला रहे हैं, जैसा उन्होंने पहले नहीं देखा होगा. द्रोपदी की जिंदगी में चीरहरण के अलावा भी काफी कुछ घटित हुआ था. उनके व्यक्तित्व के कई पहलू सामने तो आने ही चाहिए.
आपने इतना लंबा ब्रेक क्यों लिया?
मैं कोई भी किरदार नहीं करना चाहती थी. मैं चैलेंजिंग किरदार का ही इंतजार कर रही थी. अफसर बिटिया एक ब्रांड बन गया था तो मैं कुछ वैसा ही किरदार ढूंढ रही थी, जिसे फिर से दर्शकों का प्यार मिले. इस दौरान मैंने काफी कुछ नयी चीजें सीखी. अपने मन की चीजें कीं. और मैं खुश हूं कि मैंने ब्रेक लिया. ब्रेक भी जरूरी है.
अफसर बिटिया में आपने महिलाओं के विकास की बात की है, और फिर द्रोपदी जैसा शो चुनना. क्या दोनों एक दूसरे बिल्कुल विपरीत सोच वाले शो नहीं हैं?
नहीं बिल्कुल नहीं. मुझे लगता है कि अफसर बिटिया में एक लड़की की शिक्षा की लड़ाई दिखाई गयी है कि किस तरह वह समाज से लड़ कर एक स्थान हासिल करती है. और द्रोपदी में मैं एक औरत के द्वंद और अस्तित्व की कहानी वाला किरदार िनभा रही हूं.
यह शो आज के दौर में प्रासंगिक कैसे है?
मुझे लगता है कि यह शो आज भी प्रासंंगिक है, क्योंकि कई जगहों पर, कई परिवारों में आज भी लड़के लड़की की राय के बगैर ही शादी थोप दी जाती है. उन पर निर्णय थोप दिया जाता है. जैसे द्रोपदी पर पांच पतियों की शादी निभाने का निर्णय थोपा गया था. वक्त भले  ही बदला हो, पर जब औरत के अस्तित्व की बात आती है तो आज भी यह समस्या है.
आप सेंसर बोर्ड की भी टीम हैं और टीवी में एक्टिंग भी कर रही हैं? तो दोनों जिम्मेदारी किस तरह निभा रही हैं?
मुझे लगता है कि एक महिला अच्छी मैनेजर होती है. आप घर में ही देखें आपकी मां सबकुछ मैंनेज कर लेती हैं. सीमित संसाधन में भी. मल्टीटास्किंग होती है. तो मुझे भी यह सब मुश्किल नहीं लगता. इसकी वजह यह भी है कि मैं अपने काम को काफी एंजॉय करती हंू.
आपकी शादीशुदा जिंदगी कैसी चल रही है?
मैं काफी खुशनसीब हूं कि मुझे सपोर्र्टिंव पति मिले हैं. शायद यही वजह है कि मेरी राह आसान है. मैंने अपनी राय से शादी की थी और शायद इसलिए मुझे मेरी शादी थोपी हुई नहीं लगती है. मैं बहुत  खुश हूं और मैं सबको सलाह दूंगी कि शादी तो करनी ही चाहिए, रिश्तों को जानने समझने का इससे अच्छा जरिया कुछ नहीं हो सकता.
आप शॉर्ट फिल्में भी कर रही हैं?
हां, मुझे शॉर्ट फिल्में करने में काफी मजा आ रहा है. हाल ही में पानी बचाओ अभियान के लिए एक शॉर्ट फिल्म की थी और दर्शकों को काफी पसंद आयी है वह फिल्म. आगे भी अच्छे प्रोजेक्ट्स होंगे तो मैं करूंगी.
अपने अब तक के सफर को किस तरह देखती हैं आप?
मुझे अपना करियर काफी रोमांचक लगता है. मैं एक छोटे से शहर से मुंबई मायानगरी आयी और अपना मुकाम बनाया तो सफर काफी रोमांचक रहा है. जिंदगी को करीब से देखने और समझने का मौका मिला है. मुझे अच्छे लोगों के साथ काम करने का मौका मिला है.
अपने मेंटर के बारे में कुछ बताएं?
मैं अपना मेंटर तो राकेश पासवान जी को ही मानती हूं. उन्होंने ही मुझे पहला मौका दिया. उन्होंने अफसर बिटिया से मुझे लांच किया और फिर दोबारा मुझे द्रोपदी जैसा चैलेंजिंग किरदार दिया. वे हमेशा मुझे गाइड करते रहते. यही मेरे लिए बड़ी बात है.


राकेश पासवान , निर्माता 
हमने इस बार द्रोपदी के पौराणिक किरदार के बारे में अधिक नहीं दर्शाया है. यह महाभारत से अलग है. हम द्रोपदी के किरदार के माध्यम से महिला सशक्तिकरण दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. मुझे द्रोपदी का व्यक्तित्व हमेशा से आकर्षित करता है. मेरे अनुसार द्रोपदी जैसा सशक्त नारी चरित्र दूसरा और कोई नहीं है. मैं इस शो के लिए उड़िया साहित्य की प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ प्रतिभा राय का भी आभार प्रकट करता हूं. उन्होंने मुझे काफी मार्गदर्शन दिया है. मैंने मिताली को लीड के रूप में इसलिए लिया क्योंकि मैं जानता हूं वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं और चुनौतीपूर्ण किरदार करना उन्हें पसंद आता है. साथ ही अफसर बिटिया से हम दोनों के बीच एक कंफर्ट जोन भी आ जाता है 

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