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20150905

सूरज व मुगलएआजम

सूरज बड़जात्या ने अपनी नयी फिल्म प्रेम रतन धन पायो में मुगलएआजम फिल्म को आदरांजलि देते हुए एक भव्य सेट का निर्माण करवाया है. यह भव्य सेट मुगलएआजम में बने शीश महल की तरह ही है. गौरतलब है कि उस दौर में के आसिफ ने काफी मुश्किलों का सामना करते हुए शीश महल के सेट को अस्तित्व में ला पाने में समर्थ हो पाये थे. चूंकि तकनीक उस वक्त सीमित थी. सो, जब कैमरे पर वे शीशे चमक रहे थे तो उन्होंने उस पर कपड़े लगवाने के साथ साथ शीशों पर मोम रगड़वाया था.ताकि शीशे कैमरे पर चमके नहीं. फिर उस सेट पर जब प्यार किया तो डरना क्या...फिल्माया गया और आज वह क्लासिक गीत है. गौरतलब है कि सूरज ने यह सेट नितिन देसाई से बनाया है. सूरज ने इस बारे में कहा है कि वे हमेशा मुगलएआजम को देख कर प्रभावित होते रहे हैं. और यही वजह है कि उस दौर में जब तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं. और फिर भी के आसिफ ने इस सपने को पूरा किया. सो, सूरज के आसिफ को आदरांजलि देना चाहते हैं. दरअसल, वर्तमान दौर में अगर गौर करें तो सूरज की तरह पुराने दौर के निर्देशकों को आदरांजलि देने का यह नायाब तरीका कम लोगों ने ही अपनाया है. अब तक गीत संगीत की दुनिया व गीतों को नया रूप देकर आदरांजलि दी जाती रही है. लेकिन सूरज ने एक कठिन रास्ता चुना. हालांकि खुद सूरज ने कहा है कि फिल्म में यह सलमान खान और कहानी में अहम किरदार के रूप में होगा. सूरज पारिवारिक फिल्में बनाने में माहिर रहे हैं और व्यक्तिगत जिंदगी में भी वे विवादों से कोसों दूर रहते हैं. उन्होंने खुद को कभी साबित करने की कोशिश नहीं की है. फिल्म नवंबर में रिलीज होने वाली है और अब तक इसका कोई शोर शराबा नहीं. इससे भी यह बात स्पष्ट होती है कि अब भी सूरज ओल्ड स्कूल के मूल्यों को ही महत्व देते हैं और उन्हें पछतावा भी नहीं

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