20150905

श्रीदेवी रखती हैं खास ख्याल : असीन

असीन जल्द ही फिल्म आॅल इल वेल में नजर आनेवाली हैं. उन्होंने बॉलीवुड से लंबा ब्रेक लिया था. लेकिन अब फिर से वह बॉलीवुड की फिल्मों में नजर आती रहेंगी. 

बॉलीवुड का सफर
मुझे लगता है कि बॉलीवुड ने मुझे बहुत कुछ दिया है. मुझे यहां कई नये लोगों के साथ काम करने का मौका मिला. अब तक कई दोस्त बने. मेरी फिल्मों को लोगों ने पसंद किया है और यह मेरे लिए खास बात है. मैं जब अपने शहर से मुंबई आयी तो मुझे श्रीदेवी जी का बहुत सहयोग मिला. मैं उनके ही अपार्टमेंट में रहती हूं और वे हमेशा मुझे सपोर्ट करती हैं. हमेशा कॉल करके पूछती हैं कि असीन तुम्हें कुछ चाहिए तो नहीं. एक दिन बिजली चली गयी थी तो उन्होंने फोन करके कहा कि घबराना नहीं, वॉचमैन को बोला है...जल्द ही आ जायेगा. आप जब किसी ऐसे शहर में रह रहे हैं, जहां आपकी फिक्र करने वाले लोग मिल जायें तो आपको महसूस होगा कि आपका सफर काफी अच्छा है. मेरी फिल्मों के साथ साथ मुझे लोग भी अच्छे मिल जाते हैं. सच कहूं तो अभी तक मैंने जितने भी लोगों के साथ काम किया है, सभी के साथ मेरी टयूनिंग बहुत अच्छी है. सभी मेरे दोस्त हैं. बॉलीवुड में मेरी सारी फिल्मों को लोगों का प्यार मिला है तो मुझे लगता है कि बॉलीवुड और मुंबई दोनों का ही सफर अच्छा रहा है.
जानबूझ कर ब्रेक लिया
हां, मुझसे यह सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं कि मैंने बॉलीवुड से एक तरह से लंबा ब्रेक क्यों ले लिया था. उसकी बहुत बड़ी वजह है कि मेरे पास जब अच्छी फिल्मों की स्क्रिप्ट आ रही थी, जिसमें मुझे सबकुछ एक्साइटिंग लग रहा था तो मैंने किया. बाद में मुझे स्क्रिप्ट में बिल्कुल मजा नहीं आ रहा था. तो मैंने ब्रेक ले लिया था. चूंकि मुझे पैसों के लिए कमाना है,ऐसी मेरी कोई मजबूरी नहीं है.
इकलौती हूं लेकिन बिगड़ैल नहीं
हां, यह सच है कि मैं अपने माता पिता की इकलौती बच्ची हूं. लेकिन जैसा लोगों को लगता है कि इकलौते बच्चे बर्बाद बच्चे होते हैं. मैं वैसी बिल्कुल नहीं हूं. मेरे पापा इस बारे में बेहतर बता पायेंगे. लेकिन जहां तक मैं जानती हूं. मैंने अपने पापा को कभी भी तंग नहीं किया है. मुझे उन्होंने जो  संस्कार दिया है. मैंने उसे हमेशा फॉलो किया है. मुझे अपना समय बहुत प्यारा है. और यह बात मेरे माता पिता भी जानते हैं तो वे मुझे बिल्कुल डिस्टर्ब नहीं करते उस वक्त. उस वक्त में मैं पढ़ना लिखना, बहुत कुछ करती हूं. मुझे नहीं लगता कि एक बिगड़ैल बच्चे के ये गुण होते हैं. ेमेरे पापा ही साउथ में मैं जब फिल्में करती हूं तो वे मेरा काम मैनेज करते हैं. सो, वे जानते हैं कि मैं किस मिजाज की हूं. उन्हें भी पता है कि मुझे क्या नहीं करना है. तो वैसे प्रोजेक्ट्स मेरे पास आने ही नहीं देते हैं.
खुश हूं कि अपनी शर्तों पर काम कर रही हूं
यह हकीकत है कि बॉलीवुड या किसी भी इंडस्ट्री में आप अगर अपने शर्तों पर काम कर लें तो वही बहुत है. आप गौर करें तो न सिर्फ बॉलीवुड मैंने तय कर रखा है कि मैं बिकनी सीन नहीं दूंगी. किसिंग सीन नहीं करूंगी. इसके बावजूद मुझे फिल्में आॅफर होती हैं और मैं लगातार काम कर रही हूं. मतलब आपमें कुछ तो बात होगी. सो, मेरे लिए इतना ही बहुत है.
अभिषेक को भाईजान
अभिषेक बच्चन के साथ मैं इससे पहले फिल्म बोल बच्चन में काम कर चुकी हूं, जिसमें उनका किरदार भाईजान का था. वे मेरे भाई बने थे. तो मैं उस वक्त से उन्हें भाईजान कह कर ही बुलाती थी. हमारी जब भी बात होती थी. लेकिन जब इस फिल्म की बात आयी तो मुझे अभिषेक ने कहा कि मुझे भाईजान बोलना बंद करो. वरना, रोमांटिक सीन नहीं कर पायेंगे. तो मैंने अब भाईजान कहना बंद किया है और मैं अब उन्हें एबी बुलाती हूं.
ऋषि जी पिता के समान
ऋषि जी के साथ मैंने फिल्म हाउसफुल 2 में साथ काम किया था. और यह हमारी दूसरी फिल्म है, जिसमें हमें एक दूसरे का बहुत साथ मिला है. ऋषि जी की यह खासियत है कि वह मुंह पर कुछ भी कहते हैं. उन्हें जो प्यार जताना है. वे सामने से जतायेंगे. यह नहीं कि मन में रखेंगे. बुरा लगा तब भी. और अच्छा लगा तब भी. और मुझे वह बहुत प्यार करते हैं और मुझे लगता है कि हाल के दौर में किसी सीनियर से सबसे ज्यादा मुझे प्यार मिला है तो वह ऋषि जी ही हैं.
इमोशनल हूं मैं
मैं बहुत इमोशनल हूं निजी जिंदगी में भी. शायद यही वजह है कि कई बार मुझे इमोशनल दृश्यों को निभाने के लिए ग्लीसरीन की जरूरत भी नहीं पड़ती है.
पर्सनल जिंदगी को पूरा वक्त
हां, मैं जल्द ही शादी करने जा रही हूं. मैंने तय किया है कि मैं अपने सारे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पूरी कर लूंगी. ताकि पर्सनल जिंदगी के लिए मैं थोड़ा वक्त निकालूं. फिलहाल नये प्रोजेक्ट्स साइन करने का खास इरादा नहीं. 

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