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20150130

बदलते दौर के रिश्ते


ऋषि कपूर हाल में मुंबई के  जहांगीर आर्ट गैलरी के आर्ट एग्जीविशन के लिए उपस्थित थे. ऋषि ने इस दौरान अपनी पुरानी यादों को शेयर करते हुए कहा कि उनकी हमेशा से इच्छा थी कि वह पेंटर या सिंगर बनें. लेकिन वह एक्टर बन गये, बचपन में वह जहांगिर आर्ट गैलरी में हमेशा आया करते थे. और वहां जब उन्हें कोई सिर्फ ऋषि के नाम से पुकारता था तो उन्हें बेहद अच्छा लगता था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब दौर बदल गया है. यह जरूरी नहीं कि आप अपने बच्चे के साथ वही रिश्ता कायम रखें, जो कभी आपके और आपके पिताजी का था. अमिताभ बच्चन ने भी कुछ दिनों पहले यह बात शेयर की थी कि वे अपने पिता हरिवंशराय बच्चन के बेहद करीब थे. जबकि दोनों में ज्यादा बातचीत नहीं होती थी. लेकिन फिर भी अमिताभ अपने पिता से जुड़े रहे. लेकिन वही संवाद आज उनके और अभिषेक के बीच में नहीं हैं, क्योंकि जेनरेशन बदला है. पहले वह खामोशी हुआ करती थी. लेकिन फिर भी बातें होती थीं. अब बातें होकर भी बेवजह बातें नहीं होतीं. गौरतलब है कि ऋषि कपूर भी राज कपूर से काफी डरते थे और दोनों में अलग सा रिश्ता था. लेकिन फिर भी दोनों करीब थे. इन दिनों ऋषि कपूर के बेटे रणबीर कपूर कट्रीना के साथ अपने नये आशियाने में हैं. लेकिन ऋषि को यह बात पसंद नहीं. हालांकि वे खुद इस बात  को दोहराते हैं कि कपूर खानदान में बच्चों पर रोक टोक नहीं लगाई जाती. वे अपने निर्णय लेते हैं और फिर खुद ही गलतियों से सीखते हैं. जाहिर है इस बार भी वह उन्हें समझा नहीं रहे होंगे. लेकिन हकीकत यही है कि हर दौर में रिश्तों में बदलाव आते हैं. फिल्मी हस्तियां भी हमारी तरह आम इंसान ही हैं. वहां भी रिश्तों में बदलाव आना मुनासिब है. ऋषि कपूर की कभी इच्छा नहीं थी कि रणबीर सांवरिया जैसी फिल्मों से शुरुआत करें. लेकिन रणबीर खुद अपने निर्णय लेते हैं

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