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20150130

अगली है अगली


कलाकार : सुरवीन चावला, राहुल भट्ट, रॉनित रॉय, तेजीस्वनी कोल्हापुरी
विनीत कुमार सिंह
रेटिंग : 2.5 स्टार

अनुराग कश्यप एक अलग किस्म की दुनिया जीते हैं. लेकिन उनकी दुनिया बिल्कुल आम जिंदगी से मेल खाती है.वे गलियों के ऐसे कोने तक पहुंच जाते हैं. जहां स्पाइ कैमरा भी न पहुंचता हो. आप कह सकते हैं कि अनुराग कश्यप बॉलीवुड के स्पाइ कैमरे वाले निर्देशक हैं. वे अपनी कहानियों में ऐसा दर्द दिखाते हैं,जिन्हें देख कर आप कांप जायें, कुछ इसी क्रम में वे फिल्म अगली लेकर आये हैं. फिल्म अगली का हर पात्र अगली है. वहां दोस्ती,प्रेम, पति, पत् नी, पिता पुत्री, पिता, पुत्र हर रिश्ते में सभी मतलबी  हैं. अनुराग के किरदार ग्रे शेड होते हैं और इस फिल्म में भी उनका वह मिजाज बरकरार है. लेकिन फिल्म एक अहम मुद्दे को खंगालती है. बच्चों को अगवाह किस तरह किया जा रहा है. कहानी वहां घूमती है. लेकिन इसी बीच कई कहानियां सामने आती है. एक नकारा अभिनेता है, जिसने शादी की है. लेकिन पत् नी से प्रेम नहीं. एक पत् नी है, जिसे पैसा चाहिए सो वह दूसरी शादी कर लेती है. एक पुलिस आॅफिसर है, जो पत् नी से प्रेम करता है. लेकिन जताता नहीं और उसका अंदाज बेहद डरावना है. एक दोस्त है, जो दोस्ती की आड़ में अपने दोस्त को ही उल्लू बना रहा है. फिल्म की कहानी एक बच्ची के गुमशुदा होने पर आधारित है. उसकी खोज में सभी लगे हुए हैं. पूरी पुलिस फौज लगी है. वह कई तरीकों से तलाश कर रही है. लेकिन अंत में जो चेहरा सबके सामने आता है. वह चौंकानेवाला है. इस बीच सबके असली चेहरे नजर आते हैं. अनुराग की यह फिल्म भी उनकी बाकी फिल्मों की तरह अलग मिजाज की है. हकीकत के बेहद करीब. लेकिन इस फिल्म में कई दृश्य बेमतलब बढ़ाये गये हैं. जो हरगिज बर्दाश्त नहीं होते. फिल्म किसी के कंधों पर टिकी है तो वह है रॉनित रॉय और दोस्त की भूमिका निभा रहे विनीत कुमार सिंह के. दोनों ने ही बेहतरीन अभिनय किया है. इस फिल्म से रॉनित का अभिनय और निखरा है और विनीत के रूप में दर्शकों को एक अच्छा कलाकार मिल चुका है. विनीत लगातार अपने अभिनय में निखार ला रहे हैं. आम दर्शकों को फिल्म बेहद रोचक नहीं लगेगी. हालांकि वे दर्शक जिन्हें हकीकत देखना पसंद है और थ्रीलर में यकीन रखते हैं. वे इन्हें पसंद करेंगे. फिल्म का अंतराल काफी ज्यादा है. फिल्म की कहानी देख कर यह महसूस होता है कि फिल्म को 1 से 1.5 घंटे में भी समेटा जा सकता था. 

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