My Blog List

20160202

मां और नानी हैं मेरी प्रेरणास्रोत : अभिनव देव


निर्देशक अभिनय  देव इस बार अपने भाई अजिंक्य देव के साथ निर्माता की पारी की भी शुरुआत कर रहे हैं. दोनों स्टार प्लस के एक नये शो तमन्ना के साथ सामने आ रहे हैं. अभिनय  खुश हैं कि वे एक अलग कहानी लेकर आ रहे हैं. शो के प्रोमोज को काफी सराहना मिली है. चूंकि शो की लीड किरदार क्रिकेटर के रूप में दर्शकों के सामने आ रही हैं तो उम्मीद की जा रही है कि शो का मिजाज अन्य धारावाहिकों से अलग होगा. पेश है अभिनय से हुई अनुप्रिया अनंत की बातचीत के मुख्य अंश
तमन्ना का ख्याल कैसे आया?
 मैं फीचर फिल्म हो, टेलीविजन हो या विज्ञापन हो. कोशिश होती है कि कुछ अलग किया जाये.जो लोग कर रहे हैं, इतने सालों से उससे अलग करूं.अलग इसलिए क्योंकि मेरे सिस्टम में ऐसा है कुछ.जो बहुत लोग कर चुके हैं. तो मैं उस रेस का हिस्सा नहीं बनना चाहता. मैं अलग तरह से कहानी कहना चाहता हूं.तो कुछ हद तक ठानी है. टेलीविजन में आने के बाद जब तमन्ना की कहानी का ख्याल आया. मैं चाहता था कि कहानी एक ऐसे कैरेक्टर की हो. जो लोग देख चुके हैं. जो लोग रियल है. जो हम में से एक है. लेकिन उस कहानी को लिखने का, परफॉर्म करने का, प्रेजेंट करने का तरीका अलग हो. हम वीमेन ओरियेंटेड की टेरिटरी में जाकर अनकॉमन कहानी करने की इच्छा थी और स्टार प्लस ने मेरा साथ भी दिया. और कहा कि जैसे चाहते. वैसे ही बनायें. शो में हमने नये कास्ट को लिया है. छोटे शहर की लड़की होगी धरा...धरा शो की लीड का नाम है.मीडिल क्लास लड़की है. शुरुआत हमारी कॉमन है. लेकिन कहानी अनकॉमन होगी. कहने और देखने का अंदाज अलग है.
कहानी के लिए प्रेरणा आपको कहां से मिली?
मेरे ख्याल से प्रेरणा हर उस औरत से मिली है, जो अपने सपने को साकार करना चाहती है. मेरी अपनी व्यक्तिगत राय है कि मेरी जिंदगी में दो ऐसी औरतें हैं, जिनकी वजह से हम सबकुछ हैं. वह हैं मेरी मां और एक हैं उनकी मां यानी नानी. मेरी नानी ने अकेले 1930-40 के दौर में उन्होंने चार बच्चों को बड़ा किया. उनको वैल्यू सिस्टम दिया. उनकी ख्वाहिशों को पूरा किया उन्होंने. वहां से लेकर हम तक, हमारे भाई में हमें शिक्षा दी. वह एक ऐसी औरत हैं, जिनको मैंने देखा है कि सबकुछ मैनेज किया. नानाजी के नहीं रहते हुए भी. दूसरी औरत हैं मेरी मां, जिन्होंने 14 साल की उम्र में अपना एक्टिंग करियर शुरू किया, क्योंकि हालात ऐसे थे. लेकिन इसके बावजूद कहीं भी, कभी भी बिना कांप्रमाइज किये. एक औरत के हर पहलू को बैलेंसिंग एक्ट करते हुए उन्होंने अपने सपने को पूरा किया कि आज महाराष्टÑ में मेरी माताजी का नाम लो तो ऐसा कोई व्यक्ति नहीं, जो उन्हें न जानता हो. तब 50-60 के दशक में. तो वह दौर कैसा रहा आप समझ सकती. ये दोनों ही लोग मुझे हमेशा प्रेरणा देते हैं.तो जब हमने शुरुआत की इसे लिखने की तो यह सोचा कि उस दौर में जब फिल्म इंडस्ट्री इंडस्ट्री ही नहीं मानी जाती थी.उस वक्त औरतों के लिए वह इंडस्ट्री अच्छी नहीं मानी जाती थी. ऐसे में कोई यह मुकाम हासिल करती हैं महिला तो वह सम्मानजनक हैं.
शो के लेखक के बारे में बतायें?
शो के लेखक सौम्य जोशी हंै, वह अभिजात जोशी के भाई हैं. इस शो का कांसेप्ट मेरे दिमाग से आया. लेकिन उन्होंने इसे ऐसा रंग दे दिया कि कमाल हो गया.हिंदी टेलीविजन में सौम्य का यह पहला शो है. लेकिन थियेटर पर उन्होंने काफी काम किया है. और काफी जाना-माना नाम हैं. उन्होंने गुजराती भाषा में बहुत काम किया है.
आप अपने माता-पिता में किससे अधिक करीबी रहे हैं?
अपनी मां से. शायद यही वजह है कि हमने करीब से देखा है अपनी मां की पूरी जिंदगी को.पापा हमेशा व्यस्त रहते थे. लेकिन मां भी बहुत व्यस्त रहती थीं. लेकिन फिर भी अपने परिवार के लिए वह वक्त निकाल ही लेती थीं. तो जब हम बड़े हो रहे थे तो ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि मां जा रही है शूटिंग पर, क्योंकि मां काम पर जाने से पहले हमारे लिए इतना कुछ कर जाती थी कि हमें कभी महसूस ही नहीं हुआ कि हमारे साथ वह नहीं हैं.और मैं मानता हूं कि औरतें अपने परिवार को मैनेज करना जानती हैं. मेरा मानना है कि हर पुरुष को अपने घर की महिलाओं की इन सारे बलिदानों को याद रखना चाहिए और उन्हें सराहा जाना चाहिए.तमन्ना शो में हम यही कहने की कोशिश कर रहे हैं कि एक औरत की जो तमन्ना होती है, उसकी जो चाहत होती है. यह जिम्मेदारी हमारी भी होती है कि हम उन्हें पूरा करें. उतना ही वजन दें. जितना आप अपने सपने को देते हैं.
आपके परिवार में सभी एक्टर हैं. पिता, मां, भाई. फिर आपने निर्देशन की राह क्यों चुनी?
मुझे हमेशा से कहानी कहने और बताने में दिलचस्पी रही.तो मेरे ख्याल से उसका सबसे सरल उपाय था कि मैं निर्देशन में आ गया.वैसे तो मैं हूं आर्किटेक्ट और पढ़ाई खत्म होने के बाद मैंने निर्देशन की राह चुनी.
शो के बाकी स्टारकास्ट कौन-कौन हैं?
केतिकी दवे, किरण करमरकर, विशाल, हर्ष छाया जैसे उम्दा कलाकार हैं. 

No comments:

Post a Comment