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20140802

मनमुताबिक कलाकार व सपने

सुजोय घोष काफी दिनों से फिल्म दुर्गा रानी सिंह के लिए नायिका की खोज कर रहे हैं. चूंकि सुजोय को पहले पूरा यकीन था कि विद्या बालन उनके आॅफर को नहीं ठुकरायेंगी. लेकिन किसी वजह से विद्या ने फिल्म को न कहा और उस वक्त से सुजोय कई नायिकाओं को यह फिल्म आॅफर कर चुके हैं. लेकिन कंगना और करीना ने भी फिल्म को न ही कहा है. सो, सुजोय ने फिल्म को फिलहाल होल्ड पर रख दिया है और वह अपनी दूसरी फिल्म की तैयारी में जुट गये हैं. निश्चित तौर पर सुजोय के जेहन में जो कहानी है. और वह इसे जिस रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें कंगना, करीना या विद्या मार्फत अभिनेत्री की ही जरूरत होंगी. कुछ इसी तरह तिग्मांशु धूलिया पिछले काफी सालों से समारू बेगम पर फिल्म बनाना चाह रहे हैं. उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट है. लेकिन अब तक किसी अभिनेत्री ने इसे हां नहीं कहा है. उनकी इच्छा थी कि फिल्म में रानी मुखर्जी मुख्य किरदार निभायें. लेकिन रानी ने फिल्म की स्क्रिप्ट की अंतरंगता को देखते हुए फिल्म से दरकिनार कर लिया. कई सालों से सही कलाकार की खोज न हो पाने की वजह से शेखर कपूर पानी का निर्माण नहीं कर पा रहे थे. खबर तो यह भी है कि आशुतोष ग्वारिकर ने बुद्धा वाली फिल्म से इसलिए खुद को दूर कर लिया, क्योंकि उन्हें मनमुताबिक कलाकार नहीं मिले. करन जौहर की फिल्म शुद्धि बार बार टाली जा रही थी. दरअसल, स्क्रिप्ट अगर किसी एक भूमिका के केंद्र में रख कर लिखी जा रही हो तो कलाकार की भूमिका अहम हो जाती है और जो निर्देशक इसके साथ समझौते नहीं करते. वे फिल्म किसी अन्य कलाकार को लेकर बनाने की बजाय उसे न बनाना ही उचित समझते हैं. यह निर्देशक की सृजनशैली के अंदाज को भी बयां करता है. एक निर्देशक अपनी शैली के साथ कितने समझौते करता है. कितने नहीं

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