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20131114

वेलकम बैक में टष्ट्वेंटी टष्ट्वेंटी


फिल्म वेलकम बैक के आयटम नंबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है. कुछ दिनों पहले गाने की शूटिंग पूरी हुई. अनुप्रिया अनंत डायरेक्टली सेट से बता रही हैं कि कैसे हुई इस गाने की शूटिंग
लीड स्टोरी
ेसेट से
फिल्म : वेलकम बैक
समय : शाम के 8 बजे
जगह : चांदीवली स्टूडियो

चांदीवली स्टूडियो के सामने लोगों की भीड़ है. भीड़ की वजह है कि वहां उन्हें उनके पसंदीदा अभिनेता जॉन अब्राह्म की जीप खड़ी नजर आयी है. उन्हें पता है कि जॉन अंदर हैं और वे उसका इंतजार करने के लिए तैयार हैं. चांदीवली स्टूडियो में पहुंचते ही आपको एहसास हो जाता है कि यहां किसी आयटम गाने की शूटिंग चल रही है. अंदर एंट्री लेते ही सीधी नजर गणेश आचार्य पर जाती है. गणेश आचार्य इन दिनों फिल्मों के आयटम नंबर के पसंदीदा कोरियोग्राफर बन चुके हैं. वे अपने क्रू से नाराज हैं. नाराज इस वजह से कि गाने की कंटीन्यूटी में गलतियां हो रही हैं. हम दर्शकों के लिए किसी भी गाने या फिल्म की बुराई करना कितना आसान होता है. लेकिन गाने की शूटिंग देखने के बाद ईमानदारी से कहूं तो यह बात समझ आती है कि एक निर्देशक गाने की शूटिंग में भी कितनी मेहनत करते हैं. गणेश नाराज हैं. चूंकि अब तक एक गाने का पहला शॉट भी ओके नहीं हो पाया है. संभावना शेठ समेत सभी लड़कियां गाने की तैयारियां कर रही हैं. पूरे सेट को तैयार किया गया है. गाने में प्राय: जो धुआं धुआं सा नजर आता है. अक्सर शायद लोगों के जेहन में ये बातें आती होंगी कि आखिर उस धुएं की गरमाहट के बीच कैसे कलाकार परफॉर्म कर पाते होंगे. उनके लिए यह जानकारी है कि वह धुआं धुआं सा सिर्फ नजर ही आता है. उस धुएं में जो स्ट्रॉबेरी फ्लेवर की महक होती है. शायद यह फ्लेवर कलाकारों की सहुलियत को देखते हुए ही दी जाती है. जॉन लाल रंग के लिबास में हैं. हम उनसे उनके वैनिटी में मिलने जाते हैं. जॉन बिल्कुल अनपौचारिक बातें करते हैं. कलाकारों से उनके वैनिटी में बात करने का अनुभव भी अलग होता है. चूंकि कलाकारों की वैनिटी उनका दूसरा घर है. सो, वे वहां बड़े इतमिनान से बातें करते हैं. जॉन भी अपने बिंदास अंदाज में मिलते हैं, उनके चेहरे से खुशी साफ झलक रही है कि उनकी फिल्म मद्रास कैफे ने अच्छी सफलता हासिल की है. जॉन मद्रास कैफे के साथ साथ वेलकम बैक पर भी खूब बातें करते हैं. अब उन्हें सामने से बुलावा आया है. शॉट की तैयारी हो चुकी है. जॉन हमें भी वहां आने का न्योता देते हैं. अनीस बज्मी, फिल्म के निर्देशक के चेहरे पर तनाव है. तनाव की वजह है कि उन्हें गाना उस दिन शूट करना है और गाने में एक साथ कई चेहरे हैं. अब तक एक भी शॉट पूरा नहीं हुआ और रात के 9 बज चुके हैं. गणेश भी टेंशन में हैं. वे कमांड देते हैं और अनु मलिक का गीत टष्ट्वेंटी टष्ट्वेंटी के बोल वहां सुनाई देने लगते हैं. क्रू में खड़े सभी लोग पीछे पूरे अनुशासन से खड़े हैं. फिल्म कोई भी हो. अगर आप उसकी शूटिंग देखने जायें तो इस बात का अनुमान आप आसानी से लगा सकते हैं कि किसी फिल्म का निर्माण अनुशासन से ही होता है. वहां हर व्यक्ति छोटी सी छोटी भूमिका निभाने वाला व्यक्ति भी कितना सजग होता है और उसे यह अच्छी तरह पता है कि उसे क्या और कब करना है. लाइटिंग की रोशनी से गरमाहट भी उन्हें तंग नहीं करती. जो कुछ भारी चीजें लेकर भी सीन में खड़े हैं. वे तब तक खड़े रहेंगे. जब तक उन्हें कट न कहा जाये. अनु मलिक से हमारी मुलाकात होती है. अनु मलिक सातवें आसमान पर हैं. आखिर उन्हें कई अरसे बाद किसी फिल्म में तीन गानों पर काम करने का मौका मिला है. वे हमसे अपना अनुभव शेयर करते हैं. गाने की शूटिंग जारी है... अनु मलिक को पूरा भरोसा है कि गाना सुपरहिट होगा...

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