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20151219

रंग भेद और अभिनेत्री

अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन ने हाल ही में एक आलेख के माध्यम से अपनी बेटी नाव्या की जिंदगी के अहम पड़ाव पर कुछ खास बातें सांझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह उनकी बेटी भी इस बात को लेकर चिंतित हो गई थी कि अब वह बड़ी हो रही है और उसके शारीरिक बनावट को लेकर उसके मन में कई तरह के सवाल हैं। और उसे भी कई सवालों का सामना करना पड़ा है। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर काफी शोर हुआ कि एक इतने बड़ी हस्ती और हाइ प्रोफाइल जिंदगी जीने वालों की दुनिया में भी क्या इस तरह के सवाल होते हैं।  लोग जब सेलिब्रिटी के मुख से ऐसी बातें सुनते हैं तो चौकते हैं और कुछ लोग खुश भी होते हैं कि उच्च वर्ग में भी लोग इस तरह की ही सोचते हैं। दरअसल हकीकत यह कि बेटियों के जन्म के साथ ही उसके नैन नक्श की बातें शुरू हो जाती हैं। चूंकि वह लड़की है उसे हमेशा ऐसे सवालों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में एक परिचित की नवजात बिटिया से मिलने का मौका मिला। वहां जो भी उस बच्ची से मिलने आ रहे थे। वे बच्ची के नैन नक्श के बारे में ही चर्चा कर रहे थे कि बच्ची जन्म के वक़्त कितनी गोरी थी। लेकिन धीरे धीरे कैसे उसका रंग गहराता जा रहा है। इन बातों से उस बच्ची की मां को कितनी तकलीफ और चिंताएं हो रही थी। यह उनकी माथे की शिकन साफ बता रही थी। चूंकि हकीकत ही यही है कि उस मां को भी पता है कि उस बच्ची को आने वाले दौर में किस तरह के तंज़ का सामना करना पड़ेगा। खुद नंदिता दास ने स्वीकारा है कि बचपन में उन्हें भी उनके रंग के कारण कई तरह की बातें सुनने को मिलती थी। लेकिन अब उन्हें फर्क नहीं पड़ता। शुरुआती दौर में भी उन्हें फिल्मों की दुनिया में उस तरह के किरदारों से दूर कर दिया था जहां गैलमर की डिमांड होती थी। चूंकि हमने रंगों की जिंदगी में इस कदर अहमियत दे दी कि रंगीन फिल्मों के प्रचलन के साथ ही श्वेत श्याम फिल्मों की खूबसूरती कहीं धूमिल हो जाती है।

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