20120628

बाबुल की दुआ से वंचित बेटी

दीवा हेमा मालिनी व लीजेंडरी धर्मेंद्र की बड़ी बेटी ऐशा 29 जून को परिणय सूत्र में बंधने जा रही हैं. शादी का जश्न पिछले चार दिनों से जारी है. मुंबई में हर तरफ ऐशा की संगीत व मेहंदी सेरेमनी के बारे में ही बातें हो रही हैं. शादी के रिसेप्शन का खास आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इन तमाम तामझामों के बीच एक विशेष व्यक्ति की अनुपस्थिति ने सबको चौंका दिया. वह हैं धर्मेंद्र. एक पिता होने के नाते धर्मेंद्र को अपनी बेटी की शादी के हर आयोजन में शामिल होना चाहिए था, लेकिन वे संगीत सेरेमनी में शामिल नहीं हुए. हेमा मालिनी ने शुरुआती दौर से ही अपनी बेटियों की परवरिश मां और पिता दोनों के रूपों में की है. हेमा मालिनी धर्मेंद्र की दूसरी पत्नी हैं और दोनों ने प्रेम विवाह किया था. धर्मेंद्र और हेमा मालिनी आज भी एक दूसरे से अलग नहीं हैं, लेकिन हर मोड़ पर संग-संग भी नहीं दिखते. पिता होने के बावजूद धर्मेंद्र अलग-थलग हैं. क्या एक पिता की जिम्मेदारी केवल पैसे खर्च कर देने भर से हैं. धर्मेंद्र ने निस्संदेह हेमा से बेहद प्रेम किया, लेकिन एक पिता के रूप में उन्होंने जो जिम्मेदारी सनी व बॉबी के लिए निभायी. ऐशा और अहाना उस प्यार से हमेशा वंचित रही. हेमा बेटी की संगीत सेरेमनी में दिल खोल कर नाचीं. उनके चेहरे की खुशी बता रही है कि वे जो खुशियां खुद हासिल नहीं कर पायीं, वे हमेशा चाहेंगी कि ऐशा को वह खुशियां मिले. हेमा ने एकल नेतृत्व में भी अपनी दोनों बेटियों की परवरिश बेहतरीन ढंग से किया. ऐशा की अंतिम फिल्म ‘टेल मी ओ खुदा’ में उन्हें अपने पिता की तलाश थी. सच तो यह है कि वास्तविक जिंदगी में भी उन्हें हमेशा अपने पिता की तलाश रहेगी. ऐशा के मन में कहीं न कहीं यह सवाल जरूर उठ रहा होगा. क्या सिर्फ सरनेम देने से ही पिता की जिम्मेदारी पूरी हो जाती हैं

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