20120614

चले चलो- द मेकिंग ऑफ़ लगान


आज  से 11 साल पहले वर्ष 2001 में आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म लगान रिलीज हुई थी. पिछले वर्ष लगान के दस साल पूरे होने पर आमिर खान प्रोडक्शन ने भव्य आयोजन किया था. आमिर खान प्रोडक्शन की शुरुआत भी लगान से ही हुई थी और आज यह प्रोडक्शन हाउस हिंदी सिनेमा जगत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. इसी अवसर पर प्रोडक्शन हाउस ने चले चलो - द मेकिंग ऑफ लगान नामक फिल्म की भी स्क्रीनिंग की. यह फिल्म लगान की मेकिंग पर आधारित है. जिसका निर्देशन आमिर के बचपन के दोस्त सत्यजीत भटकल ने किया है. यह वही सत्यजीत भटकल हैं, जो वर्तमान में आमिर के लोकप्रिय टीवी शो सत्यमेव जयते के निर्देशक हैं. लगान के मेकिंग पर बनी फिल्म की चर्चा इसलिए क्योंकि, इस फिल्म में लगान के परदे के पीछे के सारे जख्म, कष्ट और कठिनाईयों के बावजूद पूरी लगान टीम की मेहनत का लेखा जोखा है. यह फिल्म सिनेमा की पढ.ाई कर रहे छात्रों के लिए एक मजबूत दस्तावेज है. चूंकि यह फिल्म दर्शाती है कि किस तरह निर्देशक आशुतोष ग्वारिकर ने सारी परेशानियों के बावजूद इस बेहतरीन फिल्म को अंजाम दिया. यह फिल्म यूटयूब पर देखी जा सकती है. फिल्म लगान देखकर आपको जितना मजा आया होगा. चले चलो देख कर आप उससे भी ज्यादा ऊर्जावान होंगे. लोगों की ऊर्जा, उनका जुनून दिल को छू जाता है. फिल्म के निर्देशक आशुतोष ग्वारिकर इस फिल्म के दौरान बुरी तरह बीमार प.डे थे. उनकी पीठ में इस कदर परेशानी आयी थी कि उन्हें डॉक्टर ने बिस्तर से उठने से भी मना कर दिया था. आशुतोष किसी भी हाल में इस मिशन को अधूरा नहीं छोड़ सकते थे. फिल्म से समझा जा सकता है कि किस तरह आशुतोष खुद को बिस्तर पर बांध कर फिर थोड़ी ऊंचाई देकर वे एक्शन कहते रहे. हंगल साहब भी सेट पर बुरी तरह बीमार प.डे, और उन्होंने भी अपना शॉट दिया. लोगों का मानना है कि लगान बेहतरीन फिल्म है, महान फिल्म नहीं. लगान की मेकिंग देखने पर ही टीम लगान की मेहनत का अंदाजा लगाया जा सकता है. लगान को फीचर के रूप में देखना जितना रोमांच से भरा अनुभव. उतनी ही हकीकत बयां करती है इसकी मेकिंग . शेष आप खुद देखें और अनुभव करें

1 comment:

  1. ये इश्के ज़ुनू ही मंजिल तक ले जाता है

    ReplyDelete