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20130416

मां ने कहा तो कर ली एक्टिंग



अपनी मां की ख्वाहिशों को पूरा करना ही उनका लक्ष्य है. मां की इच्छा थी कि बेटी मॉडलिंग करे. तो, वह मॉडलिंग की दुनिया में आयीं और मिस इंडिया का खिताब भी हासिल किया. फिर मां की ही इच्छा थी कि बेटी बॉलीवुड में आये, तो उन्होंने तय किया कि वह फिल्मों में अभिनय करेंगी. उनके लिए मां ही उनकी जिंदगी है. बात हो रही है मिस इंडिया रह चुकीं पूजा चोपड़ा की, जो जल्द ही फिल्म ‘कमांडो’ से बॉलीवुड में एंट्री कर रही हैं. 
पूजा चोपड़ा फिल्म कमांडो से बॉलीवुड में अपनी पहली शुरुआत कर रही हैं. अपनी इस शुरुआत को लेकर वह बहुत उत्साहित हैं. लेकिन सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि उनकी मां का यह सपना भी वह पूरा कर रही हैं. बातचीत पूजा से

 पूजा, अगर मिस वर्ल्ड पेजेंट में आपको पैरों में चोट नहीं आयी होती तो क्या आप अभी फिल्मों में काम कर रही होतीं.
गर मेरे पैरों में चोट नहीं लगी होती तो पता नहीं क्या कर रही होती. इनफेक्ट जब मैं यह रिगरेट अपने दोस्तों के साथ शेयर करती हूं कि यार अगर पैर नहीं टूटता और स्टेज पर जाकर हारती तो शायद इतना बुरा नहीं लगता. लेकिन पैर टूटा और मैं प्रतियोगिता से बाहर कर दी गयी थी तो वह गिला तो हमेशा रहेगा ही. वह हर्ट रहेगा ही. लेकिन मेरे दोस्त हमेशा मुझे समझाते हैं कि क्या पता अगर तेरा पैर टूट नहीं टूटा होता तो तू वह मिस वर्ल्ड की प्रतियोगिता जीत गयी होती तो शायद तू फिल्म में नहीं होती. या फिर नहीं जीतती तो भी फिल्म नहीं होती. तुझे फिल्मों में आना था और अच्छा करना था. इसलिए भगवान ने तेरा पैर तोड़ा . तो दोस्तों की बातें सुन कर लगता है. शायद मुझे बॉलीवुड में आना था. इसलिए ऐसा हुआ मेरे साथ.

तो कैसे मिली फिल्म कमांडो? 
आॅडिशन और सिर्फ आॅडिशन. कोई आसान रास्ता नहीं चुना. 100 लड़कियों का आॅडिशन हो चुका था. मैं सबसे लास्ट लड़की थी. मेरे एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मेरे फोटोज विपुल शाह को भेजे थे.  फिर विपुल शाह से लगभग एक घंटे मेरी मीटिंग हुई, फिर कहा कि एक स्क्रीन टेस्ट दे दीजिए. मेरे स्क्रीन टेस्ट से उन्हें लगा कि मैं सिमरन का किरदार निभा पाऊंगी, क्योंकि सिमरन का किरदार भी मेरी तरह ही बिंदास किरदार है. जैसे मैं भी बहुत बातूनी हूं. फिल्म में सिमरन भी बातूनी है.

पूजा, यह आपकी पहली फिल्म है तो क्या आपको कोई खास बातें सोच रखी थी या कोई शर्ते या कुछ सीमाएं?
नहीं, ऐसा तो कोई खास क्राइटेरिया नहीं बनाया था.बस मेरा क्राइटेरिया यही था कि अगर मैं इस फिल्म से अपने करियर की शुरुआत कर रही हूं तो कम से कम या तो एक्टर या तो प्रोडयूसर या तो प्रोडक् शन हाउस किसी एक को जरूर जानती रहूं. और इस फिल्म के साथ ऐसा ही हुआ. मैंने विद्युत के साथ पहले काफी  मॉडलिंग की है और विपुल शाह की फिल्में देखी हैं. क्योंकि मैं एक न्यूकमर हूं तो मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी. इस फिल्म के साथ सबसे बड़ी खास बात यह थी कि फिल्म की स्क्रिप्ट बेहतरीन है और मुझे इस फिल्म में सिर्फ नाच गाने के लिए नहीं रखा गया है. लोगों को लग रहा है कि फिल्म केवल एक् शन फिल्म है. लेकिन फिल्म में रोमांस भी है और साथ ही साथ मुझे भी स्टंट करने के मौके मिले हैं. एक् शन इसकी यूएसपी है. लेकिन रोमांस भी इसका अहम हिस्सा है तो मेरे लिए यह फिल्म बेहद दिलचस्प थी.

 आपकी जिंदगी में आपकी मां की अहम भूमिका रही है?
मां की अहम भूमिका नहीं. मेरी मां ही मेरी जिंदगी है. वह खुश रहें. यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है. मैं फिल्मों में भी मां के लिए ही आयी हूं. मैंने जब मिस इंडिया का खिताब जीत लिया था तो मुझे लगा मां का सपना पूरा कर दिया है और अब मां के लिए एक रेस्टोरेंट खोल दूं. ताकि उन्हें किसी और के अंडर काम करने की जरूरत न पड़े. लेकिन जब मां को मैंने यह बात बतायी तो वे शांत हो गयीं.बोली तू ऐसा सोच रही है. मैं तो सोच रही थी कि अब तूम फिल्मों में जाओगी. दरअसल, मां को प्रियंका, ऐश्वर्य बेहद पसंद हैं और दोनों ही मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद फिल्मों में आयी और कामयाब रही तो मां का भी यही सपना था और मुझे मां की खुशी पूरी करनी थी. उन्होंने कहा कि एक्टिंग कर लो तो कर ली. कह देंगी बाय बोल दो तो बाय बोल कर चली जाऊंगी.

आपके किरदार के बारे में बताएं.
फिल्म में मेरा जो किरदार है. वह फिल्म का सेंट्रल किरदार है.फिल्म  में मेरे और विलेन के बीच की लड़ाई है और उस बीच में विद्युत आते हैं. फिल्म में हीरोइन और विलेन के कई एक् शन सीक्वेंस हैं. फिल्म में ऐसा नहीं होगा कि मेरा सिमरन का किरदार है. वह सिर्फ दो तीन गानों में डांस करके कहीं खो जायेगा.

आपने कभी ऐसा सपना देखा था कि ऐसी फिल्म से शुरुआत करूंगी या अब लगता है कि चलो एक सपना पूरा हुआ. 
मैं दरअसल एक स्पॉइलटेड चाइल्ड हूं और भगवान से मेरी बहुत लड़ाई होती थी. जब मैं ब्यूटी पेजेंट से बाहर हुई थी. लेकिन शायद भगवान ने मेरी सुन ली और मुझे यह मौका दे दिया. अब लगता है शायद सपने से ज्यादा बढ़ कर मिला है.

 देख रहे हैं कि आपके सामने चिप्स की प्लेट है.क्या आप फिटनेस का ख्याल नहीं रखतीं?
नहीं ऐसा नहीं है कि मैं फिटनेस का ख्याल नहीं रखती. पहले मैं कम खाकर रह जाती थी. लेकिन मुझे विद्युत ने समझाया कि ज्यादा खाओ और ज्यादा बर्न करो. क्योंकि इससे मैं फिजिकली स्ट्रांग रहूंगी तो अब ज्यादा खाती हूं और ज्यादा कैलोरी बर्न करती हूं. थैंक्स टू विद्युत.

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