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20160308

कमरे की सफाई को लेकर लड़ते हैं हम दोनों : अमृता


अमृता राव छोटे परदे पर अपनी पहली शुरुआत की है  और वे बेहद खुश हैं कि उन्हें मेरी आवाज ही पहचान है...जैसे अलग विषय पर आधारित धारावाहिक से पहला मौका मिला है. 

छोटे परदे पर आपकी पहली शुरुआत है, क्या वजह रही हां कहने की?
मुझे लगता है कि यह कहानी छोटे परदे के लिए भी बिल्कुल अनोखी है. अलग है. यही वजह थी कि मैंने इस किरदार को हां कहा. हां, कहने की वजह यह भी है कि यह एक फाइनाइट शो है. फिल्म कमिटमेंट की तरह ही इस शो से मेरा कमिटमेंट है. स्टार्ट टू फिनिश होगी शूटिंग़. दूसरी बात यह है कि मैं जो किरदार निभा रही हूं, वैसा किरदार मैंने आज तक नहीं किया है. फिल्मों में भी नहीं किया है. ऐसे किरदार में किसी ने मुझे लेकर प्रयोग करने का भी नहीं सोचा. तो मुझे लगता है कि मेरे लिए काफी चैलेंजिंग है.
यह शो दो बहनों की जिंदगी और उनकी ईर्ष्या को लेकर है. आपकी बहन भी पहले से टेलीविजन का हिस्सा हैं. तो इस संदर्भ में क्या कहना चाहेंगी?
नहीं, मुझे नहीं लगता कि हम दोनों के बीच कोई प्रतियोगिता है. मैं बड़ी थी और एक्टिंग करियर में मैंने पहले शुरुआत की. हम दोनों एक दूसरे की ढाल ही बनेंगे हमेशा. यही कोशिश है हमारी. हम दोनों एक दूसरे से काफी करीबी हैं. एक दूसरे से सीखते ही हैं. हां, बस बचपन से हमारी लड़ाई एक ही बात को लेकर होती थी कि सफाई कौन करेगा कमरे की. प्रीतिका भी बहुत जल्द ही टेलीविजन पर एक नये अवतार में होगी. तो आॅडियंस के लिए यह बड़ा मौका होगा कि वे हम दोनों को एक साथ एक मंच पर देखें.
आप खुद संगीत से कितनी जुड़ी रही हैं?
मैं सच कहूं तो सिंगिंग में मेरा जो कंफर्ट जोन रहा है. वह मेलोडी है. यही वजह है कि अगर मैं गीत गुनगुनाती भी हूं. और गाती भी हूं तो मेरी जुबान पर रेट्रो गीत आते हैं. न कि आज के गाने आते हैं. मुझे आज के गानों में वह बात नहीं लगती. मुझे लूटेरा के गाने बहुत पसंद हैं. लेकिन मेलोडियस गाने बनने बंद हो गये हैं. मुझे लगता है कि अनु मल्लिक जैसे लोगों ने अपना काम करना बंद कर दिया है, क्योंकि वैसी मेलोडियस गीत अभी नहीं ंबन रहे. 
इस किरदार के लिए आपने कोई ट्रेनिंग भी ली है?
हां, मैंने ट्रेनिंग ली है, क्योंकि यह जो किरदार है. वह सिंगर है. म्यूजिकल एंटरटेनर है मेरा किरदार. लेकिन सिंबॉलिक था किरदार के लिए. चूंकि इस शो में जो किरदार मैं निभा रही हूं, उनके पिताजी काफी वर्सेटाइल थियेटर पर्सन थे. उन्होंने दोनों लड़कियों को हर तरह का इंस्ट्रूमेंट प्ले करना सिखाया. तो हर्ष व्यास से मैंने क्लासिकल ट्रेनिंग ली है सिंगिंग में. मंसूर खान से मैंने सितार में ट्रेनिंग ली है.
छोटे परदे पर आपको सभी बड़ी चुनौती क्या महसूस हो रही है?
मुझे लगता है कि यहां फिल्मों जैसी लग्जरी आपको नहीं मिलती. लग्जरी इस लिहाज से कि आपको हर दिन शूट करना पड़ता है.साथ ही यहां आपको हर दिन खुद का बेस्ट देना होगा. चूंकि लोग आपको हर दिन देखेंगे और हर दिन जज करेंगे.इसलिए टफ होगा. वर्किंग लाइफस्टाइल बहुत टफ है. फिल्मों की शूटिंग में डेडलाइन को लेकर बहुत शोर नहीं है. लेकिन यहां आपको डेडलाइन के अनुसार बहुत अधिक चलना होता है. तो, यहां सिर्फ अपना बेस्ट देना ही चैलेंज नहीं, बल्कि हर दिन शूटिंग वक्त पर खत्म करना भी एक बड़ा चैलेंज है.
शो में आप आइकॉनिक किरदार निभा  रही हैं. यह भी एक बड़ी चुनौती है. ऐसा मानती हैं?
मैंने कभी लीजेंडरी किरदार नहीं निभाया है. तो हां, यह मेरे लिए बड़ी कामयाबी है. मैं खुद आर्टिस्ट हूं तो हर आर्टिस्ट के साथ ऐसा होता है कि सफलता के साथ आप कई तरह से भटकने लगते हैं. लोग आपसे पैसे निकालना चाहते हैं. फोकस से आप अनफोकस हो जाते हैं. तो इस शो से एक आर्टिस्ट का समर्पण और उसकी समझ के बारे में भी आप देख पायेंगे. इस लिहाज से भी यह शो खास होगा. 

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