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20160321

बस इतनी सी ख्वाहिश है


नाम दौलत शोहरत हासिल करने के बावजूद कुछ ख्वाहिशें ऐसी भी होती हैं , जिनका मोल कोई मोल नहीं।  हिंदी सिनेमा के कुछ ऐसे ही सितारें हैं, जिनकी वह एक चाहत अबतक पूरी नहीं हुई है। कुछ ऐसे ही स्टार्स और उनकी ख्वाहिश पर अनुप्रिया अनंत की रिपोर्ट।



माँ का बचपन लौटाने की चाहत :आमिर खान
हर माता पिता की चाहत होती है कि वे अपने बच्चे की सारी चाहतों को पूरी करें। लेकिन ऐसे मौके कम होते हैं जब आपको अपने माता पिता की चाहत पूरी करने का मौका मिले। आमिर का बनारस से गहरा नाता है। आमिर खान ने हाल में अपना 51वां जन्मदिन मनाया। उन्होंने अपनी बातचीत में इस बात का जिक्र किया कि उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश है कि वह चाहते हैं कि उनकी अम्मी का जो एक पुश्तैनी मकान बनारस में है। वह  चाहते हैं वे उसे खरीद कर मां को तोहफे के रूप में दें। फिलवक्त वहां कोई अन्य लोग रह रहे हैं। उनकी चाहत है कि वे जाएं और वहां के लोगों से गुजारिश करें कि वह घर उन्हें दे दें। आमिर खान बताते हैं कि उनकी अम्मी का बचपन वहाँ बीता है। और वे इस तोहफे से अपनी अम्मी को उनका बचपन लौटाना चाहते हैं। आमिर ने हिंदी सिनेमा जगत में बड़ा मुकाम हासिल किया है। लेकिन इसके बावजूद अब भी उनकी चाहत है कि वह इस हसरत को पूरी करें। 
खंडवा में बाकी की जिंदगी बिताना चाहते थे किशोर कुमार
किशोर कुमार की हमेशा से चाहत रही थी कि वे काम के बाद अपना पूरा वक़्त अपने पैतृक स्थान खंडवा में जाकर बिताएं। लेकिन वे अपनी जिंदगी में इतने मशगूल हो गए कि वे वहां जाकर कभी अपनी जिंदगी के हसीन पल नहीं बीता पाये। इस बात का अफ़सोस उन्हें हमेशा सालता रहा। किशोर कुमार ने हमेशा अपनी बातचीत में हमेशा इस बात का जिक्र किया है। हालांकि वे हमेशा खंडवा जाते रहते थे। एक बार तो वह खुद वहां बैलगाड़ी से  पहुंच गए। वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे।
स्मिता का मेकअप
स्मिता पाटिल अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री रहीं। वे हमेशा कम मेकअप करती थीं।लेकिन उनकी एक चाहत हमेशा रही कि जिस तरह राज कुमार अपना मेकअप लेट कर करवाते थे। स्मिता की भी चाहत थी कि वह भी लेट कर अपना मेकअप कराएं। उन्होंने हमेशा मेकअप मैन से कहती थी कि उनका मेकअप भी उसी तरह से किया जाये। लेकिन उनके मेकअप मैन ने मना कर दिया था। उनकी यह चाहत तो जीते जी पूरी नहीं हो पायी। तो उनकी मौत के बाद उनका उसी अंदाज़ में मेकअप किया गया था। उनकी यह हसरत कुछ इस तरह आधी भी रही और पूरी भी हुई।
कैफ़ी का घर
शबाना आज़मी

शबाना आज़मी भी हमेशा अपने पिता कैफ़ी आज़मी की पुश्तैनी घर को लेकर भावुक रही हैं। और हाल में काफी मशक्ततों के बाद उन्हें वह घर वापस मिल रहा है। और अब वे उसे एक खूबसूरत रूप देकर तैयार करना चाहती हैं। शबाना उस घर को अपना तीर्थ स्थल मानती हैं। शबाना आज़मी ने इस घर को हासिल करने में काफी मुश्किलों और अड़चनों का सामना किया है। वे हमेशा कहती हैं कि उनकी हमेशा से चाहत रही है कि वे अपने पिता के इस घर को अपनी जिंदगी में अहम हिस्सा दें। वे उस घर की इत्मिनान से मरम्मत करा कर उसे एक यादगार घर का रूप देना चाहती हैं।
प्रीतम का पहला घर
प्रीतम ने हमेशा अपने पहले घर को अहमियत दी है। उनकी चाहत है कि वे उसे अपनी जिंदगी में कभी भी उसे बेंचने की कोशिश नहीं करेंगे। से हमेशा कहते हैं कि यह उनका लकी घर रहा है। वे आज भी उसे लेकर बहुत भावुक हैं। उन्होंने हमेशा इस बात का जिक्र किया है कि जब उनके पास बहुत पैसे नहीं थे तब उन्होंने वह घर ख़रीदा था। इसलिए वे उसे लेकर काफी उत्साहित थे। उस घर में वे अभी भी जाते रहते हैं।वहाँ उन्हें बहुत सुकून मिलता है

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