20150318

अभिनेत्रियां व सलाहकार


विद्या बालन ने हाल ही में एक अखबार को दिये इंटरव्यू में स्वीकारा है कि किस तरह उनकी डायटीशियन ने उन्हें स्लीमिंग पील्स देकर अचानक स्लीम बनाया. लेकिन बाद में जब विद्या ने उसका सेवन बंद किया तो उनका वजन दोबारा तेजी से बढ़ा और अब तक वह पूरी तरह से अपने वजन पर नियंत्रण नहीं रख पायेंगी. विद्या ने भी यह भी कहा कि उस डायटीशियन ने जान बूझ कर उन्हें गलत सलाह दी. इससे उसने अपना उल्लू सीधा किया. चूंकि जब विद्या अचानक दुबली नजर आने लगीं तो उस डायटीशियन को कई क्लाइंट मिलने लगे. सभी का विश्वास बढ़ा कि अगर इस डायटीशियन ने विद्या को दुबला कर दिया है तो उन्हें भी कर देंगी. लेकिन दरअसल, उस डायटीशियन ने विद्या के साथ धोखा किया. उन्हें अंधेरे में रख कर गलत सलाह दिया. जिसका नतीजा वह आज भुगत रही हैं. विद्या इस बात से काफी दिनों तक दुखी रहीं. लेकिन अब वह लोगों को सलाह दे रही हैं कि वे इस तरह पील्स या दवाईयों पर भरोसा न करें. विद्या अभिनेत्रियों में पहली अभिनेत्री नहीं होंगी, जिन्होंने वजन कम करने के लिए यह कदम उठाया था. बॉलीवुड के दर्शक, बॉलीवुड की सोच ही उन्हें मजबूर करती है कि वे ऐसे कदम उठायें. करीना ने भी पहले कई गलतियां की थी. लेकिन बाद में उन्हें रुजुता की शरण मिली.  और वे कामयाब हुई. फिल्मी हस्तियों की यह परेशानी है कि वह अपने सलाहकारों व चाटुकारों पर अत्यधिक भरोसा करते हैं और आंध मूंध कर भरोसा करना ही कभी कभी उनके लिए परेशानी का सबब बन जाता है. विद्या पर लगातार उनके बढ़े वजन को लेकर इस कदर वार होते रहे, कि विद्या ने भी आजिज आकर फटाफट खुद को पतला करने की होड़ में गलत कदम उठाये. अभिनेत्रियों को मजबूर भी दर्शक और आम लोग ही करते हैं, सो वजन को लेकर नजरिया बदलना ही होगा.

एआइबी का छिछोरा शो


एक आॅनलाइन शो एआइबी की टीम ने हाल ही में एक आयोजन किया, जिसके टिकट की राशि 4000 रुपये थी. इस शो में लगभग 40 हजार आॅडियंस शामिल थी. साथ में इंडस्ट्री के बड़ी नामचीन हस्तियां, जिनमें करन जौहर, अर्जुन कपूर, रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, सोनाक्षी सिन्हा, अनुराग कश्यप जैसे लोग मौजूद थे. शो का कांसेप्ट अमेरिकी आॅनलाइन शो के तर्ज पर तैयार किया गया था, जहां आप लोगों को उनके सामने ही अपशब्द और अश्लील बातें कहते हैं. लेकिन अपना माखौल उड़वाने पर खुद पर हंसते हैं. इस शो में वह सारी हदें पार रहती हैं. इस शो में अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के बारे में टीम के ही एक सदस्य तनमय ने एक ऐसी बात कही, जो सरासर एक महिला का अपमान था. लेकिन वहां बैठीं दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और सोनाक्षी इसका चुटीले अंदाज में लुत्फ उठा रही थीं. यह वही दीपिका हैं, जिन्होंने अपनी एक तसवीर को लेकर एक अखबार से भिड़ंत की थी. आमिर खान के शो का हिस्सा भी बनीं और उस वक्त महिलाओं के चरित्र को लेकर बड़ी बड़ी बातें कही थीं. अर्जुन कपूर को अपने पिता बोनी कपूर और सौतेली मां श्रीदेवी के बारे में बात करना या उससे संबंधित प्रश्न पूछे जाने से परहेज है. लेकिन उस मंच पर उनके पिता व श्रीदेवी को लेकर भी बातें कही गयीं और वह हंसी से लोट पोट हो रहे थे. करन जौहर जिन्हें इन दिनों खुलेआम अपनी विशेषता दर्शाने में दिलचस्पी है. वे भी इस शो में सबसे अधिक आनंद ले रहे थे. मनोरंजन का यह कैसा स्वरूप है, जहां माता, पिता, भाई बहनों का सिर्फ मजाक के नाम पर माखौल उड़ाया जाये. सलमान खान ने इस पर तीखा रुख अपनाया है. और मजबूरन शो के कुछ अंश एडिट किये गये हैं. दरअसल, इस तरह का तीखा रुख हर सदस्य को अपनाना चाहिए. मजाक उड़ाने और किसी को अपशब्द कहने में जमीन आसमान का फर्क है

मास्टर शेफ और भावनाएं


स्टार प्लस पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो मास्टर शेफ में इस बार थीम शाकाहारी भोजन का रखा गया है. मसलन प्रतिभागियों को अपना हुनर शाकाहरी व्यंजनों में दर्शाना होगा. फिलवक्त आॅडिशन के एपिसोड टेलीकास्ट हो रहे हैं. मगर मास्टर शेफ भी अन्य रियलिटी शोज की तरह ही अपने शो के कांसेप्ट पर कम, और प्रतिभागियों की भावनाओं पर अधिक ध्यान दे रहा. यह भारत वर्ष में ही हो सकता कि जहां कई महिलाएं पूरा पूरा दिन चुल्हा चौका करते हुए बीता देती हैं. लेकिन बदले में उनके तारीफों के दो शब्द सुनने को नहीं मिलते. वहां उनकी भावनाओं को कोई तवज्जो नहीं मिलती. लेकिन दूसरी तरफ वही महिलाएं जब नेशनल चैनल पर आकर अपनी भावनाओं को दर्शा रहीं तो शेफ उनके डिश से ज्यादा उनकी भावनाओं को अहमियत दे रहे. एक लिहाज से यह उन तमाम पुरुष वादी सोच के मुंह पर तमाचा है, जो यह सोचते हैं कि भोजन पकाना महिलाओं का कर्तव्य है और वे उनकी भावनाओं को इज्जत न देते हुए उनके खाने में नुक् श निकालने से बाज नहीं आते. ऐसी   औछी सोच को तो मास्टर शेफ निस्संदेह एक करारा जवाब दे रहा. लेकिन चूंकि मास्टर शेफ विदेशी रियलिटी शो के ही तर्ज पर तैयार किया है. सो, उसे उस मापदंड पर भी खरा उतरना ही होगा. हां,यह हकीकत है कि भारत में भावनाएं ही बिकती हैं, और रियलिटी शो में सबसे अधिक यह नजर आता. लेकिन वाकई यहां जंग व्यंजन की है. और लोगों को उसी आधार पर अपना हुनर दर्शाना चाहिए. चूंकि अच्छा और स्वादिष्ट भोजन बनाना हर किसी के वश की बात नहीं. मास्टर शेफ में ही एक महिला प्रतिभागी ने दाल का दुल्हा नामक एक सामान्य बिहारी डिश को जिस अंदाज में शेफ को परोसा और शेफ को नाम के साथ स्वाद भी पसंद आया. ऐसी छुपी प्रतिभाओं को सामने लाने का जरिया बने तो अच्छा है.

फाल्के की कालिया मर्दान


भारतीय सिनेमा के रचयिता दादा साहेब फाल्के की फिल्म कालिया मर्दान मुंबई के दीपक बुटिक सिनेमा में दिखाई जा रही है. यह फिल्म 1919 में रिलीज हुई थी. मुंबई में लगभग एक हफ्ते तक इस फिल्म का प्रदर्शन किया जा रहा है.  वर्ष 1918 में फाल्के ने श्री कृष्णा का निर्माण किया था. यह पहली फिल्म थी जिसका निर्माण हिंदुस्तान सिनेमा फिल्म कंपनी के तहत हुआ था. इस फिल्म की कामयाबी के बार कालिया मर्दान का निर्माण किया गया था. चूंकि उस दौर में ज्यादातर माइथॉलॉजिकल फिल्मों का ही निर्माण हुआ करता था. इस फिल्म में कुछ ड्रीम सीक्वेंस हैं. जिन्हें फिल्म का रूप देने में उस वक्त निश्चित तौर पर फाल्के को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा होगा. कुछ दिनों पहले अपने पिताजी के साथ पुराने फिल्मी गीत देख रही थी. पिताजी ने कहा कि पहले के दौर में पेड़ पौधे बिल्कुल वास्तविक नजर आते थे. अब नजर नहीं आते. इस पर मेरे दोस्त जो कि एनिमेशन की दुनिया से जुड़े हैं. उन्होंने बताया कि इन दिनों फिल्मों के दृश्य में सही तरीके से बादल भी दर्शा पाना कठिन है. सारे पहाड़, बादल कृत्रिम ही तैयार किये जाते हैं. इसलिए वे वास्तविक नजर नहीं आते. जरा गौर करें कि कैसे उस दौर में बिना किसी इफेक्ट्स के फाल्के साहब ने अपनी बुद्धिमता से वैसे दृश्यों का निर्माण किया होगा. यह देखना वाकई दिलचस्प है. कालिया एक काला सांप है, जो हिंदु पौराणिक कथाओं के अनुसार यमुना नदी में रहता है. कल्पना कीजिए इसे कृत्रिम रूप से तैयार करना उस वक्त कितना कठिन रहा होगा. फाल्के ने कालिया मर्दान में ही अपनी बेटी को फिल्म में लांच भी किया. उस दौर में फिल्में आपसी सहयोग, और संसाधनों के इस्तेमाल जिसे कबाड़ से जुगाड़ कहा जाता है. उसी अंदाज में बनती थीं और वाकई उस दौर में लोग सिनेमा को जीते थे. चूंकि वे उसमें अपने प्राण फूंकते थे.

सुपरस्टार्स की जोड़ी


 सैफ अली खान ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में अक्षय कुमार के साथ फिल्म मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी में काम किया था. फिल्म में वह फिल्म स्टार की भूमिका में थे और वे वास्तविक जिंदगी में कुछ ऐसा करना चाहते थे कि लोग उन्हें असल दुनिया में भी हीरो मानने लगे. शुरुआती दिनों अक्षय कुमार और अजय देवगन ने कुछ फिल्मों में साथ काम किया. सलमान खान और आमिर खान ने अंदाज अपना अपना में साथ काम किया, शाहरुख सलमान ने भी कुछ फिल्में कीं. ऋतिक रोशन और शाहरुख खान ने साथ में सफल फिल्म कभी खुशी कभी गम में साथ काम किया. आमिर और अजय ने साथ साथ इश्क में काम किया. शाहरुख और सैफ ने भी कल हो न हो में साथ काम किया. लेकिन आज ये जोड़ियां कभी भी किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आयेंगी. चूंकि सभी ने सुपरस्टार का दर्जा हासिल कर लिया है. अब ये जोड़ियां बनना असंभव है. निर्देशकों की चाहत है कि वे दो सुपरस्टार को लेकर किसी एक फिल्म का निर्माण करें.लेकिन आज हर स्टार अपने ओहदे को पहचानते हैं और अपनी कीमत जानते हैं. सो, निर्देशकों के पास इन दिनों नये कलाकारों को चुनने के सिवा कोई और विकल्प है ही नहीं. खबर है कि वरुण धवन और शाहरुख रोहित शेट्ठी की फिल्म में साथ नजर आयेंगे. वरुण अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं और उनके लिए शाहरुख के साथ काम करना किसी जैकपॉट से कम नहीं. ठीक उसी तरह जैसे ऋतिक ने अपने करियर के शुरुआती दौर में शाहरुख के साथ कभी खुशी कभी गम क़िया. लेकिन आज वह शाहरुख के समंतर खड़े हैं. इसमें उनकी मेहनत और लगन है. उन्होंने अपनी खास पहचान बनायी. वरुण धवन को भी यह निर्णय लेना होगा कि वह बरगद के पेड़ के नीचे रह कर छाव लेना चाहेंगे या अपना आकाश खुद बनायेंगे. 

रिश्तों का बनना बिगड़ना


कोरियोग्राफर गणेश आचार्य अपनी नयी फिल्म लेकर आ रहे हैं. हे ब्रो. इससे पहले भी गणेश ने स्वामी नामक फिल्म बनाई थी. हालांकि फिल्म कामयाब नहीं रही थी. लेकिन इस बार वे अलग तेवर में नजर आ रहे हैं. इंडस्ट्री में उन्होंने काफी वर्ष दिये हैं. सो, वे भी इस बार ताम झाम के साथ नजर आ रहे हैं. उन्होंने फिल्म में एक खास गीत फिल्माया है, जिसमें सुपरस्टार अक्षय कुमार, ऋतिक रोशन, अजय देवगन और अमिताभ बच्चन नजर आ रहे हैं. गणेश आचार्य आमतौर पर यह कहते नजर आते हैं कि गोविंदा उनके पसंदीदा कलाकारों में से एक हैं और करीबी दोस्तों में से एक. लेकिन इस वीडियो में गोविंदा कहीं भी नजर नहीं आ रहे. निश्चित तौर पर गणेश की यह इच्छा रही होगी कि गोविंदा वीडियो का हिस्सा बने. मुमकिन हो कि उन्होंने गोविंदा से बात की. लेकिन उन्होंने रजामंदी न दी हो. लेकिन यह भी मुमकिन है कि गोविंदा की इच्छा रही होगी. लेकिन गणेश उन्हें शेष कलाकारों की वजह से इस वीडियो का हिस्सा बना पाने में असमर्थ हों. चूंकि वर्तमान में वीडियो में जो स्टार्स नजर आ रहे. सभी सुपरस्टार हैं. और सभी स्टार्स एक दूसरे के साथ सामान्य इक्वेशन रखते हैं. अजय अक्षय में अच्छी दोस्ती है और अक्षय अजय अमिताभ के करीबी हैं. बॉलीवुड में यों भी एक ही रणनीति चलती है. जो बिकते हैं. वही दिखते हैं. किसी दौर में जब अमिताभ अपनी दूसरी पारी की शुरुआत कर चुके थे. वे कामयाबी हासिल नहीं कर पा रहे थे. उस वक्त गोविंदा ने ही अमिताभ को बड़े मिया छोटे मिया में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया और फिल्मों में अमिताभ का समीकरण दोबारा इसी फिल्म की कामयाबी के बाद फिर से संभला. मगर वर्तमान में अमिताभ शीर्ष पर हैं. गोविंदा की दूसरी पारी खास कामयाब नहीं. सो, यहां रिश्तों का बनना बिगड़ना उनकी लोकप्रियता व सफलता पर ही आधारित है. 

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दोस्ती निभाते स्टार्स


बॉलीवुड के बारे में आमतौर पर अवधारणा है कि यहां रिश्ते नहीं निभाये जाते. सबकुछ प्रोफेशल रिश्तों पर आधारित होता है. लेकिन इसके बावजूद कुछ दोस्त हैं, जो अपने दोस्तों की दोस्ती के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. 

जायेद खान-ऋतिक रोशन
यह बात जगजाहिर हो चुकी है कि ऋतिक रोशन और जायेद खान की बहन सुजैन खान का तलाक हो चुका है. लेकिन इससे उनके पारिवारिक रिश्तों में दरार नहीं आयी है. ऋतिक अब भी सुजैन के परिवार के करीब हैं. साथ ही सुजैन की बहन जायेद खान के ऋतिक हमेशा से दोस्त रहे हैं और दोस्ती निभाने के लिए वे फिल्म के ट्रेलर लांच पर भी आये और उन्होंने अपने दोस्त को काफी शुभकामनाएं भी दीं.
रणबीर कपूर-विक्रमजीत सिंह
फिल्म रॉय के ट्रेलर से दर्शकों को यह महसूस हो रहा होगा कि फिल्म में रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में हैं. लेकिन हकीकत यह है कि रणबीर कई बार यह बात दोहरा चुके हैं कि फिल्म में वह मुख्य भूमिका में नहीं हैं. उन्होंने यह फिल्म अपने बचपन के दोस्त विक्रमजीत सिंह के लिए की है. चूंकि दोनों करीबी दोस्त हैं और रणबीर उनका दिल नहीं तोड़ना चाहते थे.
एकता कपूर-विद्या बालन
अगर आपको याद हो कि फिल्म वन्स अपन अ टाइन इन मुंबई दोबारा और चेन्नई एक्सप्रेस को लेकर काफी विवाद चल रहा था. लेकिन इस वजह से विद्या बालन और एकता कपूर के रिश्ते में दरार नहीं आयी. बल्कि विद्या ने तो फिल्म में कैमियो भी निभाया. चूंकि विद्या बालन को पहला मौका एकता कपूर ने ही दिया था और विद्या यह बात कभी नहीं भूलतीं. आज भी दोनों में काफी अच्छी दोस्ती है.
अनुपम खेर महेश भट्ट
अनुपम खेर और महेश भट्ट का रिश्ता भी बेहद खास है. दोनों ने शुरुआती दौर में काफी काम साथ  साथ किया. और आज भी अनुपम दोस्ती के नाम पर महेश भट्ट को गुरु दक्षिणा देते रहते हैं.
जिम्मी शेरगिल-नीरज पांडे
जिम्मी शेरगिल और नीरज पांडे भी करीबी दोस्त हैं. और जिम्मी ने नीरज से वादा किया है कि वह जब भी फिल्म बनायेंगे. जिम्मी को छोटा सा भी किरदार देंगे तो वे उसे निभाने से कतरायेंगे नहीं.जिम्मी ने हाल ही में दोस्ती की खातिर फिल्म बैंग बैंग में भी छोटी सी भूमिका निभायी.
सलमान खान
सलमान खान ने अब तक दोस्ती की वजह से कई फिल्मों में कैमियो किया है. खासतौर से वे उन दोस्तों के काम जरूर आते हैं, जो बुरे हालात में हों. प्रीति जिंटा की फिल्म इश्क इन पेरिस में उन्होंने एक गाना फिल्माया जो काफी लोकप्रिय भी रहा.
दिव्या-राकेश ओम प्रकाश मेहरा
दिव्या दत्ता और राकेश ओम प्रकाश मेहरा का रिश्ता भी बेहद घनिष्ठ हैं और यही वजह है कि दिव्या राकेश ओम प्रकाश् मेहरा की लगभग सभी फिल्मों में नजर आती हैं और राकेश उन्हें बेहतरीन किरदार भी देते हैं.

इनके अलावा राजकुमार हिरानी परिक्षित सहानी के अच्छे दोस्त हैं. इसलिए उनकी फिल्मों में भी नजर आते हैं. अजय देवगन और संजय दत्त काफी अच्छे दोस्त हैं. करन जौहर और निरंजन नांबियार बहुत अच्छे दोस्त हैं.