मशहूर लेखक सलीम खान अपने तीनों बेटों में अरबाज खान को सबसे काबिल बेटे मानते हैं. इसकी खास वजह यह रही है कि अरबाज खान बचपन से बेहद शांत और पढ़ाई में हमेशा अव्वल आनेवाले बच्चों में से एक थे. तीनों भाइयों में सबसे अनुशासित और माता पिता की बातों का ध्यान रखनेवाले भी अरबाज ही थे. वही दूसरी तरफ बड़े बेटे सलमान खान की पढ़ाई को लेकर सलीम खान हमेशा ही चिंतित रहते थे. छोटे बेटे सोहेल खान लाड़ प्यार में पले हैं. सो, उनकी सारी उम्मीदें हमेशा ही अरबाज से रही हैं. भले ही सलमान आज सुपरस्टार हैं. लेकिन पिता के सबसे करीब आज भी अरबाज खान ही हैं. अरबाज द्वारा निर्देशित पहली फिल्म दबंग 2 आज रिलीज हो रही है और आज ही अरबाज की यह अग्निपरीक्षा होगी. या यूं कह लें कि एक कामयाब स्क्रिप्ट राइटर के बेटे की अग्निपरीक्षा. चूंकि यह हिंदी सिनेमा के इतिहास की रीत रही है कि यहां उन बच्चों को हमेशा अपने फिल्मी खानदान में पहले से स्थापित परिवार के किसी भी सदस्य के काम से जरूर तूलना की जाती है. सो, निश्चित तौर पर अरबाज भी इससे अछूते नहीं रहेंगे. अगर फिल्म हिट रही तो भले ही सारा क्रेडिट सलमान को मिले. लेकिन अगर फिल्म नाकामयाब रही तो अरबाज के साथ साथ अरबाज के पिता सलीम खान पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया जायेगा कि एक प्रसिद्ध फिल्म लेखक के बेटे ने बुरी फिल्म बनायी. अरबाज ने बतौर अभिनेता भले ही परदे के सामने काम दरार से शुरू किया हो. लेकिन अरबाज ने महेश भट्ट जैसे निर्देशकों को अस्टिट किया है. सो, उनके काम को या उनकी प्रतिभा को भी कम आंकना उचित नहीं. वे जिस पारिवारिक माहौल में पले हैं. वे जानते हैं कि उन पर एक साथ कितने लोगों की मर्यादा का सवाल है. ऐसे में दबंग 2 से उनकी कोशिश यही रहेगी कि दबंग2 पर उनकी वजह से दाग न लगे.
20130108
दबंग पर दाग न लगने की दावं
मशहूर लेखक सलीम खान अपने तीनों बेटों में अरबाज खान को सबसे काबिल बेटे मानते हैं. इसकी खास वजह यह रही है कि अरबाज खान बचपन से बेहद शांत और पढ़ाई में हमेशा अव्वल आनेवाले बच्चों में से एक थे. तीनों भाइयों में सबसे अनुशासित और माता पिता की बातों का ध्यान रखनेवाले भी अरबाज ही थे. वही दूसरी तरफ बड़े बेटे सलमान खान की पढ़ाई को लेकर सलीम खान हमेशा ही चिंतित रहते थे. छोटे बेटे सोहेल खान लाड़ प्यार में पले हैं. सो, उनकी सारी उम्मीदें हमेशा ही अरबाज से रही हैं. भले ही सलमान आज सुपरस्टार हैं. लेकिन पिता के सबसे करीब आज भी अरबाज खान ही हैं. अरबाज द्वारा निर्देशित पहली फिल्म दबंग 2 आज रिलीज हो रही है और आज ही अरबाज की यह अग्निपरीक्षा होगी. या यूं कह लें कि एक कामयाब स्क्रिप्ट राइटर के बेटे की अग्निपरीक्षा. चूंकि यह हिंदी सिनेमा के इतिहास की रीत रही है कि यहां उन बच्चों को हमेशा अपने फिल्मी खानदान में पहले से स्थापित परिवार के किसी भी सदस्य के काम से जरूर तूलना की जाती है. सो, निश्चित तौर पर अरबाज भी इससे अछूते नहीं रहेंगे. अगर फिल्म हिट रही तो भले ही सारा क्रेडिट सलमान को मिले. लेकिन अगर फिल्म नाकामयाब रही तो अरबाज के साथ साथ अरबाज के पिता सलीम खान पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया जायेगा कि एक प्रसिद्ध फिल्म लेखक के बेटे ने बुरी फिल्म बनायी. अरबाज ने बतौर अभिनेता भले ही परदे के सामने काम दरार से शुरू किया हो. लेकिन अरबाज ने महेश भट्ट जैसे निर्देशकों को अस्टिट किया है. सो, उनके काम को या उनकी प्रतिभा को भी कम आंकना उचित नहीं. वे जिस पारिवारिक माहौल में पले हैं. वे जानते हैं कि उन पर एक साथ कितने लोगों की मर्यादा का सवाल है. ऐसे में दबंग 2 से उनकी कोशिश यही रहेगी कि दबंग2 पर उनकी वजह से दाग न लगे.
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